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शैलबाला मामले से नहीं लिया प्रशासन ने सबक

Thu, 07 Feb 2019 11:52 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Feb 2019 11:52 PM IST
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शैलबाला मामले से नहीं लिया प्रशासन ने सबक
शैल बाला मामले से प्रशासन ने नहीं लिया सबक
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अतिक्रमण रोकने को प्रशासन के चक्कर काट रहा इंद्रूनाग देवता का सेवक
सीएम के आदेशों पर भी नहीं हो रहा काम, आरटीआई का नहीं मिला जवाब
अमर उजाला ब्यरो
धर्मशाला। सोलन के कसौली में अतिक्रमण हटाने गई नगर नियोजन विभाग की अधिकारी शैल बाला को गोली से मौत के घाट उतारने की घटना से भी कांगड़ा प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। प्रशासन के पास सरकारी भूमि से अतिक्रमण रोकने के लिए इंद्रू नाग देवता का सेवक पांच महीने से चक्कर काट रहा है, लेकिन जिला के किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के पास उनकी सुनी नहीं जा रही है और अतिक्रमणकारी सरकारी भूमि पर बुलडोजर फेरकर निर्माण करने की फिराक में हैं। इतना ही नहीं अतिक्रमण के संबंध में मांगी जा रही आरटीआई का जवाब भी प्रशासन नहीं दे रहा है। नगर निगम के वार्ड नंबर-15 खनियारा के ठेहडू निवासी मुनीर नियाजी न केवल प्रशासनिक अधिकारियों के पास इसकी शिकायत कर चुके हैं, बल्कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी लिखित शिकायत सौंपी थी। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय से उपायुक्त कांगड़ा को कार्रवाई के निर्देश हुए थे। लेकिन वह कार्रवाई भी केवल कागजों तक की समिति रही है। शिकायतकर्ता मुनीर नियाजी का कहना है कि खनियारा में उनके घर के समीप सरकार की खाली भूमि पड़ी है। उस पर स्थानीय निवासी ने बुलडोजर फेर दिया है और पत्थर तोड़ रहा है। वह उस भूमि पर निर्माण करने की फिराक में है। इसकी शिकायत उन्होंने 25 अक्तूबर 2018 को मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत पर कार्रवाई के बाद दो नवंबर को सीएम कार्यालय से उपायुक्त को पत्र आया। एक माह बाद एक दिसंबर को डीसी ने तहसीलदार को कार्रवाई के लिए लिखा। वहीं 22 दिसंबर 2018 को एसडीएम धर्मशाला को शिकायत दी। साथ ही एसडीएम से 21 दिसंबर को शिकायत के संबंध में की कार्रवाई की आरटीआई मांगी, लेकिन इस पर हुई कार्रवाई की उन्हें कोई भी सूचना नहीं दी गई। इसकी शिकायत उन्होंने जन सूचना आयुक्त को की है। इसके अलावा 29 अक्तूबर 2018 को नगर निगम आयुक्त से आरटीआई के माध्यम से भूमि के रिकॉर्ड का निरीक्षण करने की मांग की गई। निरीक्षण के लिए आयुक्त ने 29 नवंबर 2018 को बुलाया गया था। लेकिन, उस दौरान उन्हें रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया। न ही अब तक उन्हें कोई इसकी जानकारी दी गई है।
कोट
शिकायतकर्ता स्वयं उनके साथ आकर मिले। अतिक्रमण के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई होगी।
- धर्मेश रामोत्रा, एसडीएम धर्मशाला
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