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राज्य स्तरीय लोहड़ी पर्व को दिखावा मत बनाओ
Updated Thu, 28 Dec 2017 11:29 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
परागपुर (कांगड़ा)। परागपुर के लोगों ने राज्य स्तरीय लोहड़ी पर्व को दिखावे के बजाय बेहतर तरीके से मनाने की मांग की है। जब से परागपुर में मनाए जाने वाली लोहड़ी को राज्य स्तर का दर्जा मिला है, तब से इस पर्व को मात्र दो घंटे में ही निपटा दिया जाता है। अब जनवरी में लोहड़ी पर्व नजदीक है। लोग कह रहे हैं कि राज्य स्तर के नाम पर दिखावा बंद होना चाहिए।
जब लोहड़ी पर्व को राज्य स्तर का दर्जा नहीं मिला था, उस समय प्रदेश के राज्यपाल, केंद्रीय सचिव पर्व में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचकर शोभा बढ़ाते थे और कई राज्यों के सांस्कृतिक दल परागपुर आकर अपनी-अपनी प्रस्तुति देते थे। जब से परागपुर की लोहड़ी को राज्य स्तर का दर्जा मिला है, तभी से जैसे उक्त पर्व को ग्रहण लग गया और यह मात्र औपचारिकता बनकर ही रह गया है। पर्यटन और भाषा एवं संस्कृति विभाग और हेरिटेज विलेज कमेटी गरली परागपुर भी पर्व से गायब ही रहते हैं। न ही सांस्कृतिक संध्या और न ही किसी बेहतर कार्यक्रम का आयोजन अब होता है । व्यापार मंडल परागपुर के प्रधान दिनेश कौल, उपप्रधान रणधीर सिंह, महासचिव दीपक सूद, शिव शाह, सुकेश शर्मा, सुरिंद्र शर्मा, मुकेश सोनी, मनोज शर्मा, गगन सूद, प्रदीप सूद, संदीप सूद, संजीव शर्मा, परविंद्र सिंह, अनूप शर्मा, सुनील शर्मा, कर्ण पंडित, दिनेश शर्मा, अर्पित सूद, मोहित कौल, विजय सेठी, मुनीश शर्मा, श्याम शर्मा, जितेंद्र शर्मा आदि ने पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं निदेशक और डीसी कांगड़ा जो हेरिटेज विलेज कमेटी गरली परागपुर के अध्यक्ष हैं, से आग्रह किया है कि राज्य स्तरीय लोहड़ी पर्व को तीन दिन तक मनाया जाए। सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी करवाया जाए, ताकि पर्व औपचारिकता न रह कर राज्य स्तर का कार्यक्रम लगे।
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परागपुर (कांगड़ा)। परागपुर के लोगों ने राज्य स्तरीय लोहड़ी पर्व को दिखावे के बजाय बेहतर तरीके से मनाने की मांग की है। जब से परागपुर में मनाए जाने वाली लोहड़ी को राज्य स्तर का दर्जा मिला है, तब से इस पर्व को मात्र दो घंटे में ही निपटा दिया जाता है। अब जनवरी में लोहड़ी पर्व नजदीक है। लोग कह रहे हैं कि राज्य स्तर के नाम पर दिखावा बंद होना चाहिए।
जब लोहड़ी पर्व को राज्य स्तर का दर्जा नहीं मिला था, उस समय प्रदेश के राज्यपाल, केंद्रीय सचिव पर्व में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचकर शोभा बढ़ाते थे और कई राज्यों के सांस्कृतिक दल परागपुर आकर अपनी-अपनी प्रस्तुति देते थे। जब से परागपुर की लोहड़ी को राज्य स्तर का दर्जा मिला है, तभी से जैसे उक्त पर्व को ग्रहण लग गया और यह मात्र औपचारिकता बनकर ही रह गया है। पर्यटन और भाषा एवं संस्कृति विभाग और हेरिटेज विलेज कमेटी गरली परागपुर भी पर्व से गायब ही रहते हैं। न ही सांस्कृतिक संध्या और न ही किसी बेहतर कार्यक्रम का आयोजन अब होता है । व्यापार मंडल परागपुर के प्रधान दिनेश कौल, उपप्रधान रणधीर सिंह, महासचिव दीपक सूद, शिव शाह, सुकेश शर्मा, सुरिंद्र शर्मा, मुकेश सोनी, मनोज शर्मा, गगन सूद, प्रदीप सूद, संदीप सूद, संजीव शर्मा, परविंद्र सिंह, अनूप शर्मा, सुनील शर्मा, कर्ण पंडित, दिनेश शर्मा, अर्पित सूद, मोहित कौल, विजय सेठी, मुनीश शर्मा, श्याम शर्मा, जितेंद्र शर्मा आदि ने पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं निदेशक और डीसी कांगड़ा जो हेरिटेज विलेज कमेटी गरली परागपुर के अध्यक्ष हैं, से आग्रह किया है कि राज्य स्तरीय लोहड़ी पर्व को तीन दिन तक मनाया जाए। सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी करवाया जाए, ताकि पर्व औपचारिकता न रह कर राज्य स्तर का कार्यक्रम लगे।
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