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योल छावनी के लोगों को भरना पड़ेगा आठ साल का कर
Updated Sat, 18 Nov 2017 11:58 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
योल (कांगड़ा)। योल छावनी के लोगों को पिछले आठ साल का कर एकमुश्त भरना पड़ सकता है। क्योंकि गृह कर वृद्धि को लेकर योल वासियों को उच्च न्यायालय ने जोरदार झटका दिया है। कोर्ट ने गृह कर वृद्धि मामले में छावनी प्रशासन के हक में फैसला सुनाया है। इससे अब छावनी वासियों को 2010 से 2018 तक का गृह कर तीन माह के अंदर चुकाना पड़ सकता है।
छावनी प्रशासन ने साल 2013 में गृह कर की दरों में वृद्धि कर उसे 2010 से लागू कर लोगों को नोटिस जारी कर भरने के आदेश दिए थे। इसमें करीब 1500 घरों में से 90 घरों को शून्य, 500 घरों से 40 से 500 रुपये, जबकि एक संस्था को बीस हजार रुपये कर वार्षिक लगाया जाता था। इस संदर्भ में गृह कर न भरने वालों के खिलाफ धर्मशाला कोर्ट ने फैसला सुनाकर कर भरने के आदेश दिए थे। धर्मशाला कोर्ट के इस फैसले को ग्राम सुधार सभा नौ वर्ष 2014 में उच्च न्यायालय शिमला में चुनौती दी थी। कोर्ट ने तीन साल बाद अब छावनी प्रशासन के हक में फैसला सुनाया है। ग्राम सुधार सभा के प्रवक्ता सुजान सिंह कागरा ने कहा कि शीघ्र राधा कृष्ण मंदिर में गांव वासियों की आपात बैठक बुलाकर अगली रणनीति बनाई जाएगी। वहीं, छावनी बोर्ड की टेक्स इंस्पेक्टर पचंम लता ने कहा कि शीघ्र लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा। लोग अपना गृह कर कार्यालय में आकर भी देख सकते हैं।
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योल (कांगड़ा)। योल छावनी के लोगों को पिछले आठ साल का कर एकमुश्त भरना पड़ सकता है। क्योंकि गृह कर वृद्धि को लेकर योल वासियों को उच्च न्यायालय ने जोरदार झटका दिया है। कोर्ट ने गृह कर वृद्धि मामले में छावनी प्रशासन के हक में फैसला सुनाया है। इससे अब छावनी वासियों को 2010 से 2018 तक का गृह कर तीन माह के अंदर चुकाना पड़ सकता है।
छावनी प्रशासन ने साल 2013 में गृह कर की दरों में वृद्धि कर उसे 2010 से लागू कर लोगों को नोटिस जारी कर भरने के आदेश दिए थे। इसमें करीब 1500 घरों में से 90 घरों को शून्य, 500 घरों से 40 से 500 रुपये, जबकि एक संस्था को बीस हजार रुपये कर वार्षिक लगाया जाता था। इस संदर्भ में गृह कर न भरने वालों के खिलाफ धर्मशाला कोर्ट ने फैसला सुनाकर कर भरने के आदेश दिए थे। धर्मशाला कोर्ट के इस फैसले को ग्राम सुधार सभा नौ वर्ष 2014 में उच्च न्यायालय शिमला में चुनौती दी थी। कोर्ट ने तीन साल बाद अब छावनी प्रशासन के हक में फैसला सुनाया है। ग्राम सुधार सभा के प्रवक्ता सुजान सिंह कागरा ने कहा कि शीघ्र राधा कृष्ण मंदिर में गांव वासियों की आपात बैठक बुलाकर अगली रणनीति बनाई जाएगी। वहीं, छावनी बोर्ड की टेक्स इंस्पेक्टर पचंम लता ने कहा कि शीघ्र लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा। लोग अपना गृह कर कार्यालय में आकर भी देख सकते हैं।
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