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Kangra News: कांगड़ा और चंबा की 223 किमी सड़कें 31.28 करोड़ से चमकीं
Tue, 24 Mar 2026 01:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:55 AM IST
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धर्मशाला। पिछले वर्ष की विनाशकारी बरसात और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुईं कांगड़ा और चंबा जोन की सड़कों की सूरत अब बदलने लगी है। लोक निर्माण विभाग ने दोनों जोन की 223.45 किलोमीटर मुख्य और संपर्क सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क पर 31.28 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। बारिश और उफनते नालों के कारण इन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक मरम्मत के अलावा दोनों जोन में कुल 477 किलोमीटर सड़कों के सुदृढ़ीकरण और नए निर्माण पर लगभग 66.83 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें धंसी हुई सड़कों का पुनर्निर्माण, डामर की परत नई बिछाना और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारना शामिल है। प्राथमिकता के आधार पर उन मार्गों को पहले दुरुस्त किया गया जो सीधे अस्पतालों, स्कूलों और मुख्य बाजारों को जोड़ते हैं।
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता विकास सूद का कहना है कि विभाग अब केवल मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की आपदाओं से निपटने की तैयारी भी कर रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कों के साथ रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवारें) बनाई जा रही हैं, ताकि भूस्खलन का असर कम हो सके। ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस और जरूरी सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लिंक रोड्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक मरम्मत के अलावा दोनों जोन में कुल 477 किलोमीटर सड़कों के सुदृढ़ीकरण और नए निर्माण पर लगभग 66.83 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें धंसी हुई सड़कों का पुनर्निर्माण, डामर की परत नई बिछाना और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारना शामिल है। प्राथमिकता के आधार पर उन मार्गों को पहले दुरुस्त किया गया जो सीधे अस्पतालों, स्कूलों और मुख्य बाजारों को जोड़ते हैं।
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पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता विकास सूद का कहना है कि विभाग अब केवल मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की आपदाओं से निपटने की तैयारी भी कर रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कों के साथ रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवारें) बनाई जा रही हैं, ताकि भूस्खलन का असर कम हो सके। ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस और जरूरी सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लिंक रोड्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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