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ड़े-गले खाद्य पदार्थ बेचने पर करें कड़ी कार्रवाई
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। अगर कोई सब्जी, फल विक्रेता गले सडे़ खाद्य पदार्थ बेचते हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। जिला दंडाधिकारी कांगड़ा संदीप कुमार ने पीलिया जैसे रोगों से बचाव के लिए लोगों से दूषित खाद्य पदार्थ एवं पेयजल के सेवन से बचने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों के हित में गले-सड़े अथवा वासी, अधपके फल और सब्जियां बेचने पर पाबंदी के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मिठाइयां, मांस, मछली, चाट, खोया-गिरी, केक, बिस्कुट, ब्रेड एवं दूध इत्यादि बिना ढके खुले में रख कर बेचने को प्रतिबंधित किया है। साथ ही आइसक्रीम, कुल्फी, शरबत और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों के विक्रेता अपने उत्पादों के विषाणु रहित साफ और स्वच्छ पानी से निर्मित होने का प्रमाणपत्र जीवाणु विज्ञानी से प्राप्त होने पर ही उत्पाद बेच सकेंगे। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को किसी इलाके में हैजा की बीमारी से संबंधित अंदेशे पर आवश्यकता जान पड़ने पर वहां रहने वाले सभी लोगों के हैजारोधी टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला परिवार कल्याण अधिकारी, जिला टीबी नियंत्रण अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, जोनल अस्पलाल के चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं औषधालयों के स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों, नगर निकाय के सफाई निरीक्षकों और तहसीलदारों सहित जिले के समस्त कार्यकारी दंडाधिकरियों को ऐसे बाजारों, दुकानों, भवनों इत्यादि में प्रवेश कर निरीक्षण करने के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने उपरोक्त अधिकारियों को आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया है।
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धर्मशाला। अगर कोई सब्जी, फल विक्रेता गले सडे़ खाद्य पदार्थ बेचते हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। जिला दंडाधिकारी कांगड़ा संदीप कुमार ने पीलिया जैसे रोगों से बचाव के लिए लोगों से दूषित खाद्य पदार्थ एवं पेयजल के सेवन से बचने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों के हित में गले-सड़े अथवा वासी, अधपके फल और सब्जियां बेचने पर पाबंदी के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मिठाइयां, मांस, मछली, चाट, खोया-गिरी, केक, बिस्कुट, ब्रेड एवं दूध इत्यादि बिना ढके खुले में रख कर बेचने को प्रतिबंधित किया है। साथ ही आइसक्रीम, कुल्फी, शरबत और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों के विक्रेता अपने उत्पादों के विषाणु रहित साफ और स्वच्छ पानी से निर्मित होने का प्रमाणपत्र जीवाणु विज्ञानी से प्राप्त होने पर ही उत्पाद बेच सकेंगे। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को किसी इलाके में हैजा की बीमारी से संबंधित अंदेशे पर आवश्यकता जान पड़ने पर वहां रहने वाले सभी लोगों के हैजारोधी टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला परिवार कल्याण अधिकारी, जिला टीबी नियंत्रण अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, जोनल अस्पलाल के चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं औषधालयों के स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों, नगर निकाय के सफाई निरीक्षकों और तहसीलदारों सहित जिले के समस्त कार्यकारी दंडाधिकरियों को ऐसे बाजारों, दुकानों, भवनों इत्यादि में प्रवेश कर निरीक्षण करने के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने उपरोक्त अधिकारियों को आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया है।