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मेरे सामने निकली बस और कुछ ही देर में खाई में गिरी
Updated Tue, 10 Apr 2018 01:36 AM IST
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मेरे सामने निकली बस और कुछ ही देर में लुढ़क गई
हार गांव के रमेश पठानिया ने बाइक पर उठाए घायल बच्चे
राजा का तालाब। हार गांव के रहने वाले रमेश पठानिया ने बताया कि वह मलकवाल-ठेहड़ लिंक रोड पर मलकवाल के पास खड़ा था। उसने स्कूल की बस को जाते हुए देखा। दो मिनट बाद उसको फोन आया कि हादसा हो गया है। वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गया। उसने और उसके साथी संजू राणा निवासी हार ने 5 घायल बच्चों को नूरपुर अस्पताल पहुंचाया। रमेश पठानिया ने बताया कि खाई में उतर कर बच्चों की लाशों का ढेर देखकर उसकी सुध खोने लगी। जैैसे-तैसे मन पक्का कर उसने दो घायल बच्चे अपनी बाइक पर लिए और नूरपुर अस्पताल पहुंचाए। संजू राणा ने किसी की गाड़ी रोकी और उसमें तीन घायल बच्चे नूरपुर पहुंचाए। उन्होंने बताया कि निजी स्कूल में फुंगोता, बाड़ा, हार, ठेहड़ गांव के बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं।
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हार गांव के रमेश पठानिया ने बाइक पर उठाए घायल बच्चे
राजा का तालाब। हार गांव के रहने वाले रमेश पठानिया ने बताया कि वह मलकवाल-ठेहड़ लिंक रोड पर मलकवाल के पास खड़ा था। उसने स्कूल की बस को जाते हुए देखा। दो मिनट बाद उसको फोन आया कि हादसा हो गया है। वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गया। उसने और उसके साथी संजू राणा निवासी हार ने 5 घायल बच्चों को नूरपुर अस्पताल पहुंचाया। रमेश पठानिया ने बताया कि खाई में उतर कर बच्चों की लाशों का ढेर देखकर उसकी सुध खोने लगी। जैैसे-तैसे मन पक्का कर उसने दो घायल बच्चे अपनी बाइक पर लिए और नूरपुर अस्पताल पहुंचाए। संजू राणा ने किसी की गाड़ी रोकी और उसमें तीन घायल बच्चे नूरपुर पहुंचाए। उन्होंने बताया कि निजी स्कूल में फुंगोता, बाड़ा, हार, ठेहड़ गांव के बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं।