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सहकारिता दिवस कार्यक्रम पर भारी पड़ी आचार संहिता
Updated Sun, 19 Nov 2017 11:38 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। सहकारिता विभाग और हिमाचल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंड फेडरेशन (हिमको) के प्रदेश स्तरीय सहकारिता दिवस कार्यक्रम पर आचार संहिता भारी पड़ गई। विधानसभा चुनावों के चलते प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के नाते सहकारिता दिवस का कार्यक्रम भी फीका रहा। प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन कांगड़ा जिला के गरली में किया गया, लेकिन कार्यक्रम में किसी भी सहकारी सभा को बेहतर कार्य करने के लिए कोई सम्मान नहीं मिल पाया। चुनाव आयोग से सम्मान समारोह कार्यक्रम करवाने की अनुमति न लेने के कारण प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सहकारी सभाओं के प्रतिनिधियों को बिना सम्मान से लौटना पड़ा। प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम सिर्फ सहकारिता दिवस के रस्म अदायगी तक ही सीमित रहा। हालांकि कार्यक्रम में प्रदेश भर की विभिन्न सहकारी सभाओं के लगभग 600 प्रतिनिधियों ने शिरकत की। उधर, हिमको के चेयरमैन देवेंद्र ठाकुर ने कहा कि आचार संहिता के कारण सम्मान समारोह का आयोजन नहीं किया गया।
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धर्मशाला। सहकारिता विभाग और हिमाचल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंड फेडरेशन (हिमको) के प्रदेश स्तरीय सहकारिता दिवस कार्यक्रम पर आचार संहिता भारी पड़ गई। विधानसभा चुनावों के चलते प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के नाते सहकारिता दिवस का कार्यक्रम भी फीका रहा। प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन कांगड़ा जिला के गरली में किया गया, लेकिन कार्यक्रम में किसी भी सहकारी सभा को बेहतर कार्य करने के लिए कोई सम्मान नहीं मिल पाया। चुनाव आयोग से सम्मान समारोह कार्यक्रम करवाने की अनुमति न लेने के कारण प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सहकारी सभाओं के प्रतिनिधियों को बिना सम्मान से लौटना पड़ा। प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम सिर्फ सहकारिता दिवस के रस्म अदायगी तक ही सीमित रहा। हालांकि कार्यक्रम में प्रदेश भर की विभिन्न सहकारी सभाओं के लगभग 600 प्रतिनिधियों ने शिरकत की। उधर, हिमको के चेयरमैन देवेंद्र ठाकुर ने कहा कि आचार संहिता के कारण सम्मान समारोह का आयोजन नहीं किया गया।