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Kangra News: सरकारी जमीन पर बसे गगल एयरपोर्ट विस्तार के प्रभावितों में बंटेंगे 17 करोड़
Tue, 06 Oct 2026 03:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 06 Oct 2026 03:53 AM IST
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धर्मशाला। गगल हवाई अड्डा विस्तार की जद में आने वाले ऐसे परिवारों को भी अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है, जो सरकारी भूमि पर वर्षों से रह रहे हैं लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में जमीन उनके नाम दर्ज नहीं है।
इन परिवारों को भूमि का मालिकाना हक दर्ज न होने के कारण राहत एवं पुनर्वास (आर एंड आर) एक्ट के तहत मुआवजा नहीं मिल पा रहा था। प्रदेश सरकार ने ऐसे पात्र प्रभावित परिवारों के लिए करीब 17 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज मंजूर किया है।
एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में निजी भूमि के मालिकों को निर्धारित नियमों के तहत मुआवजा और पुनर्वास लाभ दिए जा रहे हैं। वहीं सरकारी भूमि पर रह रहे उन परिवारों के सामने अलग स्थिति थी, जिनका नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। ऐसे परिवार भूमि के उपयोग और उस पर लंबे समय से रहने के बावजूद आर एंड आर एक्ट के तहत मिलने वाले लाभ के पात्र नहीं बन पा रहे थे।
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अब तक 158 हेक्टेयर भूमि के लिए 2285 करोड़ आवंटित
गगल हवाई अड्डा विस्तार के लिए प्रस्तावित 158 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का 100 फीसदी अवार्ड घोषित किया जा चुका है। प्रभावित लोगों को भूमि मुआवजे के रूप में अब तक करीब 2285 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। कांगड़ा एयरपोर्ट की मौजूदा करीब 1376 मीटर लंबी हवाई पट्टी को बढ़ाकर 3010 मीटर किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है और 14 में से 13 मुहालों के आर एंड आर अवार्ड घोषित किए जा चुके हैं। इसके तहत करीब 180 करोड़ रुपये की राशि भी प्रभावित लोगों को वितरित की जा चुकी है। शेष प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार से करीब 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की गई है।
मांझी खड्ड पर पुल को लेकर केंद्र से चर्चा
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत मांझी खड्ड पर प्रस्तावित पुल को लेकर भी केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच चर्चा जारी है। जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि भारतीय विमानपतन प्राधिकरण और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ हुई प्रारंभिक चर्चाओं में रिवर चैनलाइजेशन और पुल निर्माण की जिम्मेदारी राज्य सरकार को दिए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि प्रदेश सरकार ने अब इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है। फिलहाल यह तय किया जाना है कि मांझी खड्ड पर पुल का निर्माण राज्य सरकार, भारतीय विमानपतन प्राधिकरण या किसी अन्य कार्यकारी एजेंसी के जरिए कराया जाएगा। इस संबंध में केंद्र के साथ विचार-विमर्श जारी है।
कब्जा लेने की शुरू होगी प्रक्रिया
कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ अब परियोजना के निर्माण संबंधी कार्यों को गति मिलेगी। सात मुहालों का इंतकाल पर्यटन विभाग के नाम हो चुका है और इन क्षेत्रों में भूमि का कब्जा लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शेष सात मुहालों का इंतकाल भी जल्द पर्यटन विभाग के नाम किए जाने की प्रक्रिया में है। इसके साथ ही विभाग की ओर से जल्द ही तारबंदी का कार्य भी शुरू किया जाएगा। -विनय धीमान, जिला पर्यटन अधिकारी, कांगड़ा
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इन परिवारों को भूमि का मालिकाना हक दर्ज न होने के कारण राहत एवं पुनर्वास (आर एंड आर) एक्ट के तहत मुआवजा नहीं मिल पा रहा था। प्रदेश सरकार ने ऐसे पात्र प्रभावित परिवारों के लिए करीब 17 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज मंजूर किया है।
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एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में निजी भूमि के मालिकों को निर्धारित नियमों के तहत मुआवजा और पुनर्वास लाभ दिए जा रहे हैं। वहीं सरकारी भूमि पर रह रहे उन परिवारों के सामने अलग स्थिति थी, जिनका नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। ऐसे परिवार भूमि के उपयोग और उस पर लंबे समय से रहने के बावजूद आर एंड आर एक्ट के तहत मिलने वाले लाभ के पात्र नहीं बन पा रहे थे।
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अब तक 158 हेक्टेयर भूमि के लिए 2285 करोड़ आवंटित
गगल हवाई अड्डा विस्तार के लिए प्रस्तावित 158 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का 100 फीसदी अवार्ड घोषित किया जा चुका है। प्रभावित लोगों को भूमि मुआवजे के रूप में अब तक करीब 2285 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। कांगड़ा एयरपोर्ट की मौजूदा करीब 1376 मीटर लंबी हवाई पट्टी को बढ़ाकर 3010 मीटर किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है और 14 में से 13 मुहालों के आर एंड आर अवार्ड घोषित किए जा चुके हैं। इसके तहत करीब 180 करोड़ रुपये की राशि भी प्रभावित लोगों को वितरित की जा चुकी है। शेष प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार से करीब 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की गई है।
मांझी खड्ड पर पुल को लेकर केंद्र से चर्चा
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत मांझी खड्ड पर प्रस्तावित पुल को लेकर भी केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच चर्चा जारी है। जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि भारतीय विमानपतन प्राधिकरण और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ हुई प्रारंभिक चर्चाओं में रिवर चैनलाइजेशन और पुल निर्माण की जिम्मेदारी राज्य सरकार को दिए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि प्रदेश सरकार ने अब इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है। फिलहाल यह तय किया जाना है कि मांझी खड्ड पर पुल का निर्माण राज्य सरकार, भारतीय विमानपतन प्राधिकरण या किसी अन्य कार्यकारी एजेंसी के जरिए कराया जाएगा। इस संबंध में केंद्र के साथ विचार-विमर्श जारी है।
कब्जा लेने की शुरू होगी प्रक्रिया
कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ अब परियोजना के निर्माण संबंधी कार्यों को गति मिलेगी। सात मुहालों का इंतकाल पर्यटन विभाग के नाम हो चुका है और इन क्षेत्रों में भूमि का कब्जा लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शेष सात मुहालों का इंतकाल भी जल्द पर्यटन विभाग के नाम किए जाने की प्रक्रिया में है। इसके साथ ही विभाग की ओर से जल्द ही तारबंदी का कार्य भी शुरू किया जाएगा। -विनय धीमान, जिला पर्यटन अधिकारी, कांगड़ा