{"_id":"5ab151984f1c1bb2758b67b8","slug":"121521570200-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजा का तालाब पीएचसी में फार्मासिस्ट टटोल रही मरीजों की नब्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजा का तालाब पीएचसी में फार्मासिस्ट टटोल रही मरीजों की नब्ज
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फार्मासिस्ट को डॉक्टर समझ चेकअप करवा रहे मरीज
राजा का तालाब पीएचसी में चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
राजा का तालाब (कांगड़ा)। स्वास्थ्य विभाग जहां बेहतर सेवाएं देने के दावे करता है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। राजा का तालाब पीएचसी में मंगलवार को फार्मासिस्ट मरीजों की नब्ज टटोलती दिखीं। पीएचसी में सिर्फ एक डॉक्टर का पद सृजित है। उन्होंने सोमवार रात को साथ लगते नागरिक अस्पताल नूरपुर में सेवाएं दीं, जिसके कारण मंगलवार को उनकी छुट्टी थी। पीएचसी पहुंचे मरीजों की डॉक्टर छुट्टी पर होने के कारण फार्मासिस्ट चेकअप कर रही थीं। इस पीएचसी में आसपास की बारह पंचायतों के लोग उपचार करवाने पहुंचते हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त न होने के कारण मरीजों को सामान्य जांच के लिए भी नूरपुर अस्पताल का रुख करना पड़ता है। दोपहर डेढ़ बजे तक 23 मरीजों का फार्मासिस्ट ने चेकअप किया। पीएचसी में प्रतिदिन 50 से 60 तक ओपीडी होती है। पीएचसी में उपचार करवाने पहुंची संध्या देवी ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि डॉक्टर ने दवाई दी है या फार्मासिस्ट ने। 60 वर्षीय मेहर चंद निवासी झाजवां ने भी फार्मासिस्ट को डॉक्टर समझकर गैस, कब्ज और उल्टी से संबंधित दवाई ली। सिद्धपुरघाड़ के सुरेंद्र मोहन, बाड़ी के गिरधारी लाल शर्मा, डीपी शर्मा, व्यासो देवी, अरुणा देवी ने कहा कि उन्होंने भी डॉक्टर समझकर दवाई ली है।
सरायें में चल रही गए पीएचसी
2017 से राजा का तालाब पीएचसी एक सरायें में चल रही है। पीएचसी का भवन न होने के कारण अभी अस्थाई रूप से पीएचसी सरायें के भवन में चलाई जा रही है। स्थानीय निवासी गिरधारी लाल शर्मा ने पीएचसी के लिए अपनी निजी भूमि में से एक कनाल भूमि पीएचसी के दान भी कर दी, परंतु अभी तक पीएचसी का कार्य शुरू न हो पाया है।
विज्ञापन
राजा का तालाब पीएचसी में चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
राजा का तालाब (कांगड़ा)। स्वास्थ्य विभाग जहां बेहतर सेवाएं देने के दावे करता है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। राजा का तालाब पीएचसी में मंगलवार को फार्मासिस्ट मरीजों की नब्ज टटोलती दिखीं। पीएचसी में सिर्फ एक डॉक्टर का पद सृजित है। उन्होंने सोमवार रात को साथ लगते नागरिक अस्पताल नूरपुर में सेवाएं दीं, जिसके कारण मंगलवार को उनकी छुट्टी थी। पीएचसी पहुंचे मरीजों की डॉक्टर छुट्टी पर होने के कारण फार्मासिस्ट चेकअप कर रही थीं। इस पीएचसी में आसपास की बारह पंचायतों के लोग उपचार करवाने पहुंचते हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त न होने के कारण मरीजों को सामान्य जांच के लिए भी नूरपुर अस्पताल का रुख करना पड़ता है। दोपहर डेढ़ बजे तक 23 मरीजों का फार्मासिस्ट ने चेकअप किया। पीएचसी में प्रतिदिन 50 से 60 तक ओपीडी होती है। पीएचसी में उपचार करवाने पहुंची संध्या देवी ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि डॉक्टर ने दवाई दी है या फार्मासिस्ट ने। 60 वर्षीय मेहर चंद निवासी झाजवां ने भी फार्मासिस्ट को डॉक्टर समझकर गैस, कब्ज और उल्टी से संबंधित दवाई ली। सिद्धपुरघाड़ के सुरेंद्र मोहन, बाड़ी के गिरधारी लाल शर्मा, डीपी शर्मा, व्यासो देवी, अरुणा देवी ने कहा कि उन्होंने भी डॉक्टर समझकर दवाई ली है।
सरायें में चल रही गए पीएचसी
2017 से राजा का तालाब पीएचसी एक सरायें में चल रही है। पीएचसी का भवन न होने के कारण अभी अस्थाई रूप से पीएचसी सरायें के भवन में चलाई जा रही है। स्थानीय निवासी गिरधारी लाल शर्मा ने पीएचसी के लिए अपनी निजी भूमि में से एक कनाल भूमि पीएचसी के दान भी कर दी, परंतु अभी तक पीएचसी का कार्य शुरू न हो पाया है।
विज्ञापन