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वीरता प्राप्त सैनिकों को नहीं मिलता है उचित सम्मान : गुलेरिया
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:22 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व सैनिक लीग पालमपुर की बैठक पालमपुर में अध्यक्ष सीडी सिंह गुलेरिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उपमंडल पालमपुर, बैजनाथ, जयसिंहपुर और धीरा के पूर्व सैनिकों समेत अन्य क्षेत्रों से सैनिकों और उनके परिवारों ने भाग लिया। बैठक में पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर मंथन के साथ सेना में वीरता सम्मान प्राप्त सैनिकों को उचित मान सम्मान न देने पर चिंता जताई। पूर्व सैनिकों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को केंद्र और प्रदेश सरकारें उचित मान दे रही हैं। यहां तक कि सेना के उच्च पदों पर सुशोभित तक किया गया है, जबकि भारत माता की सेवा करने में उत्कृष्ट सम्मान पाने वाले स्वतंत्र भारत के दो जीवित परमवीर चक्र विजेताओं को अधिकारी तक नहीं बनाया जा सका है। अभी भी
प्रदेश से संबंधित एक मात्र जीवित परमवीर चक्र विजेता को सेना में जेसीओ रैंक तक ही मिल पाया है, जबकि क्रिकेट खेलने वालों को भारतीय सेना में कर्नल रैंक दिया गया है। अध्यक्ष गुलेरिया ने कहा कि अभी भी पूर्व सैनिकों की ओर से ईसीएचएस में दवाइयों की कमी और कैंटीन में सामान उपलब्ध न होने को लेकर रोष बढ़ रहा है। पूर्व में ईसीएचएस में ही सभी दवाइयां मिल जाती थीं और बाहर से खरीदने की मंजूरी थी, लेकिन अब सेना अस्पताल पर निर्भर होना पड़ रहा है। पहले सेना अधिकारियों के साथ सैनिक लीग की बैठकें आयोजित होती थीं और समस्याओं का हल तलाश किया जाता था। अब पिछले छह माह से ऐसी कोई बैठक बुलाई नहीं गई है। उन्होंने रक्षा मंत्रालय की ओर से पेंशन से वंचित पूर्व सैनिकों की मांगे जल्द पूरी करने की भी बात रखी।
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पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व सैनिक लीग पालमपुर की बैठक पालमपुर में अध्यक्ष सीडी सिंह गुलेरिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उपमंडल पालमपुर, बैजनाथ, जयसिंहपुर और धीरा के पूर्व सैनिकों समेत अन्य क्षेत्रों से सैनिकों और उनके परिवारों ने भाग लिया। बैठक में पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर मंथन के साथ सेना में वीरता सम्मान प्राप्त सैनिकों को उचित मान सम्मान न देने पर चिंता जताई। पूर्व सैनिकों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को केंद्र और प्रदेश सरकारें उचित मान दे रही हैं। यहां तक कि सेना के उच्च पदों पर सुशोभित तक किया गया है, जबकि भारत माता की सेवा करने में उत्कृष्ट सम्मान पाने वाले स्वतंत्र भारत के दो जीवित परमवीर चक्र विजेताओं को अधिकारी तक नहीं बनाया जा सका है। अभी भी
प्रदेश से संबंधित एक मात्र जीवित परमवीर चक्र विजेता को सेना में जेसीओ रैंक तक ही मिल पाया है, जबकि क्रिकेट खेलने वालों को भारतीय सेना में कर्नल रैंक दिया गया है। अध्यक्ष गुलेरिया ने कहा कि अभी भी पूर्व सैनिकों की ओर से ईसीएचएस में दवाइयों की कमी और कैंटीन में सामान उपलब्ध न होने को लेकर रोष बढ़ रहा है। पूर्व में ईसीएचएस में ही सभी दवाइयां मिल जाती थीं और बाहर से खरीदने की मंजूरी थी, लेकिन अब सेना अस्पताल पर निर्भर होना पड़ रहा है। पहले सेना अधिकारियों के साथ सैनिक लीग की बैठकें आयोजित होती थीं और समस्याओं का हल तलाश किया जाता था। अब पिछले छह माह से ऐसी कोई बैठक बुलाई नहीं गई है। उन्होंने रक्षा मंत्रालय की ओर से पेंशन से वंचित पूर्व सैनिकों की मांगे जल्द पूरी करने की भी बात रखी।
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