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Kangra News: शाहपुर में 10 बीट अति संवेदनशील, चीड़ के कारण लग रही आग
Sat, 31 May 2025 01:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 31 May 2025 01:03 AM IST
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शाहपुर में चीड़ का जंगल। संवाद
शाहपुर (कांगड़ा)। गर्मी बढ़ते ही कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के जंगलों में आग लगने का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। शाहपुर रेंज में कुल 12 वन बीट हैं, जिनमें से 10 बीट को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। चीड़ की अधिकता के कारण यहां आग लगने की संभावना सबसे अधिक बनी रहती है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि जंगल में आग लगने की मुख्य वजह चीड़ के पेड़ों की सूखी पत्तियां (पिरूल) हैं, जो अत्यधिक ज्वलनशील होती हैं। आग का मौसम शुरू होते ही इन पत्तियों की वजह से जंगलों में आग तेजी से फैलती है और नियंत्रण में लाना कठिन हो जाता है। शाहपुर रेंज में 12 बीट हैं, जिसे रैत, शाहपुर और रिड़ककमार ब्लॉक में बांटा है। रैत ब्लॉक में बल्ला, त्यारा, रिहलु और सलोल बीट शामिल हैं। शाहपुर ब्लॉक में शाहपुर, मंझग्रां, हरनेरा और वासा बीट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वोह बीट में रिड़ककमार, वोह, दुली और कनोल बीट शामिल हैं। विधानसभा शाहपुर की इन 12 बीट में वोह और कनोल को छोड़कर सभी क्षेत्र अति संवेदनशील हैं, क्योंकि यहां पर चीड़ के पेड़ काफी अधिक संख्या में हैं।
वन मित्रों को दी गई विशेष ट्रेनिंग
सभी बीटों में वन मित्रों को आग पर नियंत्रण पाने के लिए प्रशिक्षित किया है और सभी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ब्लॉक स्तर पर भी कर्मचारियों और अधिकारियों को तैयार रखा है। साथ ही विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन कर आमजन को आगजनी से सावधान रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सुमित शर्मा, रेंज अधिकारी, शाहपुर
राह चलते लोग सड़क किनारे जलती बीड़ी और सिगरेट फेंक देते हैं। इसलिए आग लगती है। चीड़ के जंगलों में लगी आग काफी भयानक होती है। लोगों को चाहिए कि जलती हुई बीड़ी-सिगरेट सड़क के किनारे जंगल में न फेंके। प्रशासन इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए
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-वरिंदर कुमार शर्मा निवासी रिहलू
हरनेरा बीट में सड़क के किनारे काफी चीड़ के पेड़ हैं। पिछले साल इस कारण कई जगह आग लगी थी। सड़क पर चीड़ की पत्तियों की सफाई समय-समय पर होनी चाहिए, ताकि जंगल में आग न लगे।
-अमन जरियाल, शाहपुर के हरनेरा निवासी
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वन मित्रों को दी गई विशेष ट्रेनिंग
सभी बीटों में वन मित्रों को आग पर नियंत्रण पाने के लिए प्रशिक्षित किया है और सभी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ब्लॉक स्तर पर भी कर्मचारियों और अधिकारियों को तैयार रखा है। साथ ही विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन कर आमजन को आगजनी से सावधान रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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सुमित शर्मा, रेंज अधिकारी, शाहपुर
राह चलते लोग सड़क किनारे जलती बीड़ी और सिगरेट फेंक देते हैं। इसलिए आग लगती है। चीड़ के जंगलों में लगी आग काफी भयानक होती है। लोगों को चाहिए कि जलती हुई बीड़ी-सिगरेट सड़क के किनारे जंगल में न फेंके। प्रशासन इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए
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-वरिंदर कुमार शर्मा निवासी रिहलू
हरनेरा बीट में सड़क के किनारे काफी चीड़ के पेड़ हैं। पिछले साल इस कारण कई जगह आग लगी थी। सड़क पर चीड़ की पत्तियों की सफाई समय-समय पर होनी चाहिए, ताकि जंगल में आग न लगे।
-अमन जरियाल, शाहपुर के हरनेरा निवासी

शाहपुर में चीड़ का जंगल। संवाद

शाहपुर में चीड़ का जंगल। संवाद