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फर्जी दस्तावेजों से ऋण लेने पर फंसी दो महिलाएं
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:59 PM IST
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कांगड़ा। हिमाचल ग्रामीण बैंक शाखा कांगड़ा के मैनेजर ने कांगड़ा पुलिस थाना में टांडा सदरपुर के एक कथित महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष और महासचिव के विरुद्ध फर्जी और गलत प्रमाण पत्रों के आधार पर बैंक से ऋण लेने की शिकायत दर्ज करवाई है। डीएसपी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि टांडा में वर्ष 2009 में स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष निर्मला देवी और महासचिव रेणुबाला ने हिमाचल ग्रामीण बैंक से 2 लाख 40 हजार रुपये का ऋण लिया था।
आरोपियों ने ऋण की राशि समूह के अन्य सदस्यों को कृषि और डेयरी के विकास कार्यों के लिए आवंटित कर दी, मगर उसके बदले जो कागजात बैंक में जमा करवाए, वे जांच करने पर अवैध पाए गए। कुछ समय से बैंक के ऋण का भुगतान नहीं किया जा रहा था। बैंक मैनेजर ने दो महीने पहले भी आरोपी महिलाओं के खिलाफ शिकायत थाना में दर्ज करवाई थी, मगर आरोपी महिलाएं बैंक का ऋण लौटाने में आनाकानी करती रहीं। पुलिस ने बैंक मैनेजर की शिकायत के आधार पर महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष और महासचिव के खिलाफ धोखाधड़ी और आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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आरोपियों ने ऋण की राशि समूह के अन्य सदस्यों को कृषि और डेयरी के विकास कार्यों के लिए आवंटित कर दी, मगर उसके बदले जो कागजात बैंक में जमा करवाए, वे जांच करने पर अवैध पाए गए। कुछ समय से बैंक के ऋण का भुगतान नहीं किया जा रहा था। बैंक मैनेजर ने दो महीने पहले भी आरोपी महिलाओं के खिलाफ शिकायत थाना में दर्ज करवाई थी, मगर आरोपी महिलाएं बैंक का ऋण लौटाने में आनाकानी करती रहीं। पुलिस ने बैंक मैनेजर की शिकायत के आधार पर महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष और महासचिव के खिलाफ धोखाधड़ी और आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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