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Himachal: जेपी नड्डा बोले- मैं दिल्ली में ही करुंगा काम, एनपीएस पर जयराम ठाकुर लेंगे फैसला

Sat, 13 Jun 2026 12:10 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 13 Jun 2026 12:10 PM IST
सार

जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए संसाधनों और सहयोग की कोई कमी नहीं छोड़ी, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार उन अवसरों को जनहित में उपलब्धियों में बदलने में विफल रही है।

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JP Nadda said the Modi government left no stone unturned in Himachal's development, whereas the Congress gover
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर। - फोटो : संवाद

विस्तार

 केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि कहा कि मैं हिमाचली हूं और दिल्ली में रहकर ही काम करूंगा। केंद्र सरकार ने न्यू पेंशन स्कीम को अपनाया है। हिमाचल में क्या करना है, इसको भविष्य में जयराम ठाकुर और प्रदेश के वरिष्ठ नेता देखेंगे। शनिवार को राजधानी शिमला में प्रेस वार्ता करते हुए नड्डा ने कहा कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार का मिशन कट मनी, कमीशन, अटैची और पैसा दो पर पूछो मत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए संसाधनों और सहयोग की कोई कमी नहीं छोड़ी, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार उन अवसरों को जनहित में उपलब्धियों में बदलने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से मिली रिकॉर्ड वित्तीय सहायता और विकास परियोजनाओं के बावजूद प्रदेश सरकार प्रशासनिक अक्षमता, निर्णयहीनता और सुस्त कार्यशैली के कारण अपेक्षित परिणाम देने में असफल रही है। प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई नहीं हुई। इससे सरकार के कामकाज का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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सरकार राजस्व घाटा अनुदान राशि का बेवजह रोना रो रही: नड्डा

केंद्र सरकार से हिमाचल को 1500 करोड़ रुपये मिलेंगे, लेकिन इसके खर्च की कोई जानकारी नहीं दी गई है। 15वें वित्तायोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 521 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, जिसमें से आधी राशि लैप्स हो गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजस्व घाटा अनुदान राशि का बेवजह रोना रो रही है। जबकि यह सबको पता था कि भविष्य में यह राशि बंद हो जाएगी। केंद्र सरकार आपदा से पुनर्निर्माण तक साथ खड़ी है। प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं चल रही हैं।

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परियोजनाओं में देरी से रोजगार का नुकसान

नड्डा ने राज्य सरकार पर बल्क ड्रग पार्क के निर्माण में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं से रोजगार के अवसर छीने गए हैं। इसके अलावा 100 करोड़ रुपये के मेडिकल डिवाइस पार्क को भी वापस लौटाया गया है। नड्डा ने कहा कि राज्य में यह पहली ऐसी सरकार है, जो केंद्र से मिलने वाली सौगात को लौटा रही है।

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दिल्ली में बैठे नेता चला रहे हिमाचल में सरकार

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य की सरकार मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि दिल्ली में बैठे नेता चला रहे हैं। आज ऋण का बोझ एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। नड्डा ने जोर दिया कि राज्य सरकार की विकास के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है। रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड 2911 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

 

नड्डा के बयान से भाजपा में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चर्चाएं तेज

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा के बयान ने हिमाचल भाजपा में मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे को लेकर चर्चाओं को फिर से तेज कर दिया है। नड्डा ने शनिवार को शिमला में एक कार्यक्रम में न्यू पेंशन स्कीम के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस पर आगे का निर्णय नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता करेंगे। नड्डा के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षक जयराम ठाकुर का नाम प्रमुखता से लिए जाने को सामान्य टिप्पणी नहीं मान रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नड्डा की टिप्पणी जयराम ठाकुर की मजबूत भूमिका का संकेत है। जयराम ठाकुर वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वह प्रदेश भाजपा के सबसे बड़े जनाधार वाले नेताओं में गिने जाते हैं। वहीं, पार्टी में भविष्य के नेतृत्व को लेकर चर्चाओं के बीच अन्य संभावित दावेदारों के समर्थकों के बीच भी इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर संभावित चेहरों पर चर्चा को बढ़ावा दे रहा है।

भाजपा की परंपरा रही है कि मुख्यमंत्री पद के चेहरे और नेतृत्व संबंधी अंतिम निर्णय पार्टी का संसदीय बोर्ड और केंद्रीय नेतृत्व ही करता है। इसके बावजूद वरिष्ठ नेताओं के सार्वजनिक बयानों को अकसर राजनीतिक संकेतों के रूप में देखा जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नड्डा की टिप्पणी ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं को नया आयाम दे दिया है। फिलहाल पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, इस बयान ने हिमाचल की राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है।

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