Jairam Thakur: नेता प्रतिपक्ष बोले- दो साल के बाद भी सरकार के पास उपलब्धियों के नाम पर बताने को कुछ भी नहीं
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के पास दो साल के कार्यकाल के बाद भी बताने के लिए कुछ भी नहीं है। इसलिए वह राज्यपाल के अभिभाषण के माध्यम से भी झूठ बोल रही है।
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विधानसभा सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर मीडिया के प्रतिनिधियों से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के पास दो साल के कार्यकाल के बाद भी बताने के लिए कुछ भी नहीं है। इसलिए वह राज्यपाल के अभिभाषण के माध्यम से भी झूठ बोल रही है। सरकार के पास केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के साथ-साथ पूर्व सरकार द्वारा किए गए काम ही हैं जिसके बारे में वह बात कर सकती है। इसके बाद भी केंद्र सरकार के प्रति आभार का एक शब्द भी नहीं बोलता है उल्टा सहयोग न देने का ही आरोप लगाती है। प्रदेश में बुर्जुगों को मिलने वाली पेंशन भी छह महीनें से नहीं आई है। प्रदेश में आज तक ऐसा नहीं हुआ है।
#WATCH शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा, "राज्यपाल के अभिभाषण में हिमाचल प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का जिक्र होता है लेकिन मुझे इस बात का बहुत अफसोस है कि डेढ़ घंटे के अभिभाषण में हिमाचल प्रदेश सरकार के पास गिनाने के लिए कुछ नहीं था... वहां केवल… pic.twitter.com/p4WNidYCXa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 10, 2025
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बार के बजट अभिभाषण में ऐसे–ऐसे दावे किए गए कि जिसे मैं सुनकर मैं भी चौंक गया। सरकार कहती है कि प्रदेश में 69 स्वास्थ्य संस्थाओं को आदर्श चिकित्सा संस्थान बना दिए गए हैं और उसमें विशेषज्ञों की टीम के साथ अत्याधुनिक एमआरआई मशीनें भी लगाई गई है। मैं भी एक विधानसभा क्षेत्र से विधायक हूं मुझे तो अपने विधानसभा क्षेत्र में ऐसा कोई संस्थान नजर नहीं आया। हमारे बाकी भी विधायक है सबका यही कहना है। स्वास्थ्य सेवा जिससे हर दिन आम आदमी दो चार होता है उसके बारे में भी इतना बड़ा झूठ सरकार द्वारा बोला जा रहा है। आईजीएमसी की हालत क्या है? प्रदेश के बाकी के मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की हालत क्या है? पूरा प्रदेश देख रहा है। इसके बाद भी सरकार बड़ी साफगोई से झूठ पर झूठ बोले जा रही है।
सरकार कह रही है कि उसने पूरी कर दी हैं। यह भी एक और बड़ा झूठ है। प्रदेश की मात्र 30 हजार महिलाओं को मात्र एक बार सम्मान निधि दी गई है जबकि पात्र महिलाओं की संख्या 23 लाख से अधिक हैं। आज प्रदेश भर के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में 10 लाख से ज्यादा आवेदन धूल फांक रहे हैं। स्वरोजगार के नाम पर मात्र सरकार सवा दो करोड़ रुपए इतने बड़े प्रदेश में खर्च कर पाई है।हर दिन कोई न कोई शिक्षा संस्थान समेत अन्य संस्थान बंद हो रहे हैं। अपराध चरम पर है नशा माफिया बेकाबू है इसके बाद भी सरकार कह रही है कि सब कुछ बहुत बढ़िया है। यह सरकार की संवेदनहीनता है। सरकार झूठ बोलने से बाज आए।