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HPU Shimla: विधायकों के वेतन बढ़ाने का एसएफआई ने जताया विरोध, बोले- विधायक गरीब और लाचार हैं इनको चंदा दो
Tue, 01 Apr 2025 07:25 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 01 Apr 2025 07:25 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एसएफआई ने परिसर में पोस्टर में गरीब विधायकों के लिए चंदा दो.. लिखकर चंदा जुटाकर विधायकों के वेतन में 26 फीसदी बढ़ोतरी करने के फैसले का विरोध किया।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन करते एसएफआई कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
एसएफआई ने बजट सत्र में आम लोगों को महंगाई से राहत दिलवाने के लिए विशेष राहत न देने और विधायकों के वेतन में 26 फीसदी बढ़ोतरी करने के फैसले का मंगलवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विरोध जताया। एसएफआई की विवि इकाई ने परिसर में पोस्टर में गरीब विधायकों के लिए चंदा दो.. लिखकर चंदा जुटाकर इस फैसले को विरोध किया।
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एसएफआई इकाई अध्यक्ष अंकुश राणा और सचिव रितेश ने कहा कि पूरा प्रदेश आर्थिक संकट से जूझ रहा है। विधानसभा में विधायकों ने सिर्फ अपने वेतन और भत्तों में वृद्धि की, आम जनता को राहत देने के लिए न तो सत्ता पक्ष कुछ कर पाया और न ही विपक्ष किसी तरह की राहत दिलवाने में कामयाब रहा। उन्होंने कहा कि हमारे विधायक गरीब और लाचार हैं, जिसके चलते उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में काफी दिक्कतें आ गई हैं, उन्हें गुजारा करना मुश्किल हो रहा है, इसलिए उन्होंने छात्रों से विधायकों के लिए चंदा देने की अपील की।
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अंकुश ने कहा कि यह एसएफआई का विरोध करने का तरीका है, जिससे वह आम छात्रों और लोगों को समझाना चाहते हैं कि उनकी सरकार को सिर्फ अपने बढ़े खर्च की चिंता है। नुमाइंदों को आम जनता चुनकर भेजती है, उससे सरकार बनती है, लेकिन हमारी सरकार तथा यह नुमाइंदे जनता के हक में नीतियों को न बनाकर सिर्फ अपने लिए चिंतित हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बजट बढ़ाने की जरूरत है, आम जनता के हित में सरकार नीतियां बनाएं। सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार फंड की कटौती कर रही है और इसके लिए सरकार आर्थिक संकट का हवाला देती है। उन्होंने सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध किया और चेताया कि सरकार की इन जन विरोधी नीतियों का विरोध किया जाएगा।
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