फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP Ground water polluted by chemicals released from industries in BBN shocking revelations in the report

HP : बीबीएन में उद्योगों से निकलने वाले रासायनिक पदार्थों से भूजल प्रदूषित, रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

Thu, 28 Aug 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 28 Aug 2025 05:00 AM IST
सार

हिमाचल हाईकोर्ट में पेश की गई आईआईटी मंडी और संयुक्त समिति की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। बता दें कि बीबीएन में उद्योगों से निकलने वाले खतरनाक रसायनों की वजह से भूजल भारतीय मानक ब्यूरो के पेयजल मानकों के अनुसार नहीं पाया गया है। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
HP Ground water polluted by chemicals released from industries in BBN shocking revelations in the report
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ (बीबीएन) में उद्योगों से निकलने वाले खतरनाक रसायनों की वजह से भूजल भारतीय मानक ब्यूरो के पेयजल मानकों के अनुसार नहीं पाया गया है। हाईकोर्ट में पेश की गई आईआईटी मंडी और संयुक्त समिति की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। भूजल में मैग्नीशियम, कोबाल्ट, बेरियम लैड और यूरेनियम की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है। हिमाचल हाईकोर्ट में भूजल प्रदूषण को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी और संयुक्त समिति की ओर से सौंपी गई दो रिपोर्टों से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

विज्ञापन

आईआईटी मंडी की ओर से 17 मार्च 2025 को दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट में सतही जल के नमूने और भूजल नमूनों के संग्रह स्थलों को दर्शाया गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इन स्थलों को एक मानचित्र पर चिह्नित किया गया है। संयुक्त समिति की 17 जुलाई 2025 को दाखिल तीसरी प्रगति रिपोर्ट में अदालत की ओर से 15 मई को उपचारात्मक उपायों के लिए कार्य योजना तैयार करने हेतु जारी किए गए निर्देशों का उल्लेख है। रिपोर्ट में एक तालिका के माध्यम से बताया गया है कि कुल 75 स्थानों पर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के पेयजल मानकों का उल्लंघन पाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रिपोर्ट की समीक्षा करने पर यह भी पता चला कि केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) और हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीएसपीसीबी) की ओर से एक ही स्थान से एकत्र किए गए नमूनों के परिणामों में भिन्नता है। महादेव नामक स्थान पर सीजीडब्ल्यूबी ने मैग्नीशियम को निर्धारित सीमा से अधिक पाया, जबकि एचपीएसपीसीबी के किए गए विश्लेषण में यह पैरामीटर नहीं पाया गया। सीजीडब्ल्यूबी और एचपीपीसीबी प्रयोगशालाओं की ओर से विश्लेषण किए गए मैंगनीज, निकल, कॉपर, क्रोमियम, जिंक, आयरन, कोबाल्ट, सेलेनियम और आर्सेनिक जैसे मानक बीआईएस पेयजल मानक में निर्दिष्ट निर्धारित सीमा के भीतर पाए गए, जबकि आईआईटी मंडी की रिपोर्ट के अनुसार 21 स्थानों पर ये मानक मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।

विज्ञापन

टोटल ऑर्गेनिक कार्बन (टीओसी) की निगरानी मेंसुविधाओं की कमी के कारण नहीं की जा सकी है। इसके अलावा, केंद्रीय भूजल बोर्ड से नमूने का विश्लेषण करवाने का प्रस्ताव है। डेटा के सत्यापन के लिए अगस्त में अगली निगरानी के दौरान टीओसी मापदंडों की जांच की जाएगी। समिति ने आगे की निगरानी के बाद एक और रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने का अनुरोध किया है, जिसे मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद अदालत ने कार्यवाही को अगली रिपोर्ट आने तक मामले को स्थगित कर दिया है। अब इसकी सुनवाई 28 अक्तूबर को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed