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हिमाचल: 2011 की जनगणना के आंकड़ों में नया खुलासा
अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 19 Sep 2013 02:41 AM IST
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हिमाचल में 2011 की जनगणना के मुताबिक 35 लाख 59 हजार कर्मचारी हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में आबादी के 51.9 फीसदी कर्मचारी हैं।
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इनमें 20 लाख 43 हजार पुरुष और 15 लाख 16 हजार महिला कर्मचारी हैं। इनमें 32 लाख 89 हजार ग्रामीण क्षेत्रों और महज दो लाख 70 हजार कर्मचारी शहरों में रहते हैं। इनमें से 20 लाख 62 हजार कर्मचारी दीर्घकालीन हैं। यानी, ये लोग साल में अधिकतर समय काम करते हैं।
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अल्पकालीन कर्मचारियों की संख्या 14 लाख 38 हजार है। ये कर्मचारी चंद दिन ही काम करते हैं। प्रदेश में सबसे ज्यादा कर्मचारी किन्नौर जिले में हैं। यहां 66.9 फीसदी लोग कर्मचारी हैं। ऊना जिले में 41.3 फीसदी लोग कर्मचारी हैं।
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जनगणना विभाग के आंकड़ों के प्रचार-प्रसार को हुई कार्यशाला में संयुक्त निदेशक आरके राम ने बताया कि कर्मचारियों में उन सभी को शामिल किया है, जो अपने खेतों, दुकान या घर पर ही किसी काम में लगे हैं।
उन्होंने जिलों के आधार पर तैयार आंकड़ों की किताब का भी विमोचन किया। कार्यशाला में सरकारी विभागों के अधिकारियों के साथ विवि के छात्र भी मौजूद थे। हालांकि, हिमाचल में सरकार के रेगुलर कर्मचारियों की संख्या 1 लाख 84 हजार है।
अनुबंध कर्मचारियों की संख्या करीब बीस हजार है। कुल मिलाकर प्रदेश में कर्मचारियों का आंकड़ा ढाई लाख से ज्यादा नहीं है। इन आंकड़ों में मनरेगा, गांव में खेती कर लोगों, दुकानदारों, उद्योगपतियों, घर में आचार पापड़ या सिलाई-कढ़ाई का काम कर रही महिलाओं को भी शामिल किया है।
यदि कोई बच्चा स्कूल के बाद पिता के साथ दुकान पर जाता है तो उसे भी कर्मचारी की संज्ञा दी है। कार्यशाला में उनके साथ सहायक निदेशक आशीष चौहान, शिव कुमार शर्मा सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।