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Himachal: सीडीएल कसौली में रेबीज वैक्सीन के तीन सैंपल फेल, निजी कंपनी ने उत्पादन से पहले जांच के लिए भेजे थे
Tue, 26 Nov 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 26 Nov 2024 05:00 AM IST
सार
सीडीएल कसौली में जांच के लिए आए रैबीज वैक्सीन के तीन सैंपल जांच में फेल हो गए। लैब की ओर से सैंपल फेल होने के बारे में मंत्रालय को भी रिपोर्ट भेजी गई है। पढ़ें पूरा मामला...
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
सेंट्रल ड्रग्स लैब (सीडीएल) कसौली में जांच के लिए आए रेबीज वैक्सीन के तीन सैंपल जांच में फेल हो गए। सैंपल साउथ की एक निजी कंपनी ने भेजे थे। सैंपल मानकों के तहत सही न पाए जाने पर सीडीएल कसौली ने कंपनी से सैंपल दोबारा मांगे हैं। मानक पूरे होने के बाद ही सीडीएल कंपनी को वैक्सीन उत्पादन के लिए हरी झंडी देगी। कंपनी ने उत्पादन से पहले रेबीज वैक्सीन के सैंपल जांच के लिए सीडीएल भेजे थे।
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सीडीएल ने वेबसाइट पर रेबीज वैक्सीन के सैंपल फेल होने की पुष्टि की है। लैब की ओर से सैंपल फेल होने के बारे में मंत्रालय को भी रिपोर्ट भेजी गई है। विशेषज्ञों की टीम जांच कर रही है कि सैंपल फेल होने के क्या कारण रहे, इसका जल्द ही पता लगेगा। जांच से वैक्सीन में क्या सुधार किए जा सकते हैं इसका खुलासा भी होगा।
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सितंबर में फेल हुआ था रेबीज एंटी सीरम का सैंपल
सीडीएल में सितंबर में रैबीज एंटी सीरम का एक सैंपल फेल हुआ था। इसके अलावा टिटनेस टॉक्साइड वैक्सीन के चार सैंपल भी मानकों पर खतरे नहीं उतरे थे।
सीडीएल में सितंबर में रैबीज एंटी सीरम का एक सैंपल फेल हुआ था। इसके अलावा टिटनेस टॉक्साइड वैक्सीन के चार सैंपल भी मानकों पर खतरे नहीं उतरे थे।
रेबीज वैक्सीन के ये हैं लाभ
रेबीज वैक्सीन का उपयोग रैबीज संक्रमण को रोकने के लिए किया जाता है। रैबीज ज्यादातर जानवरों की बीमारी है। अगर इंसानों को रैबीज से पीड़ित जानवर काट ले तो उन्हें भी रेबीज हो सकता है। अगर समय पर रैबीज इंजेक्शन न लगाया तो वायरस फैलने का भी खतरा रहता है और जान भी जा सकती है।
रेबीज वैक्सीन का उपयोग रैबीज संक्रमण को रोकने के लिए किया जाता है। रैबीज ज्यादातर जानवरों की बीमारी है। अगर इंसानों को रैबीज से पीड़ित जानवर काट ले तो उन्हें भी रेबीज हो सकता है। अगर समय पर रैबीज इंजेक्शन न लगाया तो वायरस फैलने का भी खतरा रहता है और जान भी जा सकती है।
2020 के बाद अब फेल हुए रेबीज वैक्सीन के सैंपल
वर्ष 2020 में रेबीज वैक्सीन का एक सैंपल फेल हुआ था। इसके बाद इस वर्ष रैबीज वैक्सीन के सैंपल फेल हुए हैं। 2021 में कोरोना वायरस वैक्सीन के दो, 2022 में तीन, रोटावायरस वैक्सीन का एक सैंपल फेल हुआ था। 2023 में कोरोना वायरस वैक्सीन का एक, स्नेक वेनम एंटी सीरम का एक सैंपल फेल हुआ।
वर्ष 2020 में रेबीज वैक्सीन का एक सैंपल फेल हुआ था। इसके बाद इस वर्ष रैबीज वैक्सीन के सैंपल फेल हुए हैं। 2021 में कोरोना वायरस वैक्सीन के दो, 2022 में तीन, रोटावायरस वैक्सीन का एक सैंपल फेल हुआ था। 2023 में कोरोना वायरस वैक्सीन का एक, स्नेक वेनम एंटी सीरम का एक सैंपल फेल हुआ।