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Himachal Pradesh: स्क्रब टाइफस से आईजीएमसी शिमला में दूसरी मौत, महिला ने तोड़ा दम; आईसीयू में थी भर्ती
Tue, 26 Aug 2025 09:10 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 26 Aug 2025 09:10 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में स्क्रब टाइफस से एक और महिला मरीज की मौत हो गई। इससे पहले रोहड़ू निवासी 34 वर्षीय सरोज की भी स्क्रब टाइफस के कारण मौत हो गई थी। दोनों ही मामले ऊपरी शिमला के हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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स्क्रब टाइफस।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं चिकित्सालय (आईजीएमसी) शिमला में स्क्रब टाइफस से एक और महिला मरीज की मौत हो गई। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने इसकी पुष्टि की। अब तक आईजीएमसी में 56 मामले आ चुके हैं।
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अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार 74 वर्षीय चंपा देवी पत्नी केवल राम निवासी गांव भरेरी धार डाकघर कोटगढ़ तहसील कुमारसैन को 22 अगस्त को महिला मेडिसिन वार्ड के आईसीयू में भर्ती किया था। जांच में सैप्सिस मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम पाया गया। परीक्षण में यह भी स्पष्ट हुआ कि उन्हें स्क्रब टाइफस था। लगातार उपचार के बावजूद मरीज की हालत गंभीर बनी रही और 25 अगस्त की शाम 6 बजकर 40 मिनट पर अचानक कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट यानी हृदय तथा श्वसन गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई। यह इस सीजन में आईजीएमसी शिमला में स्क्रब टाइफस से होने वाली दूसरी मौत है।
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इससे पहले रोहड़ू निवासी 34 वर्षीय सरोज की भी स्क्रब टाइफस के कारण मौत हो गई थी। दोनों ही मामले ऊपरी शिमला के हैं। आईजीएमसी में अब तक 176 सैंपल की जांच की गई है, जिनमें से 56 पॉजिटिव आए हैं। इनमें से अब तक दो मरीजों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सक लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि बरसात के मौसम में यह बीमारी तेजी से फैलती है और समय पर उपचार न मिलने पर घातक सिद्ध होती है। डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते मरीज अस्पताल पहुंचे तो एंटीबायोटिक उपचार से बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
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स्क्रब टाइफस के लक्षण और बचाव के तरीके
स्क्रब टाइफस ऑरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया से होता है जो झाड़ियों और खेतों में पाए जाने वाले छोटे कीटों के काटने से शरीर में पहुंचता है। स्क्रब टाइफस के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते और काटे गए स्थान पर पपड़ी जैसी सूजन शामिल है। अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि खेतों या झाड़ियों में काम करते समय पूरे बाजू के कपड़े तथा जूते पहनें। घर के आसपास की झाड़ियों को साफ रखें और पालतू जानवरों की नियमित जांच करवाएं। तेज बुखार या संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आईजीएमसी में जांच करवाएं।
स्क्रब टाइफस ऑरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया से होता है जो झाड़ियों और खेतों में पाए जाने वाले छोटे कीटों के काटने से शरीर में पहुंचता है। स्क्रब टाइफस के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते और काटे गए स्थान पर पपड़ी जैसी सूजन शामिल है। अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि खेतों या झाड़ियों में काम करते समय पूरे बाजू के कपड़े तथा जूते पहनें। घर के आसपास की झाड़ियों को साफ रखें और पालतू जानवरों की नियमित जांच करवाएं। तेज बुखार या संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आईजीएमसी में जांच करवाएं।