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बदल सकता है हिमाचल विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम
शिमला/ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jan 2013 10:13 AM IST
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में अगले सत्र से पाठ्यक्रम में बदलाव हो सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। कुलपति के आदेशों के बाद विभागीय कमेटियों को रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। अब विश्वविद्यालय में अवकाश होने के बाद सभी विभागों को इसके बाद पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने वाले अध्यायों का मसला तैयार किया जाना है। इसमें मुख्य रूप से पूरे सत्र के लिए पाठ्यक्रम को बनाना है।
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वर्तमान में कई विभाग ऐसे हैं, जहां पर कुछ ही दिन में पाठ्यक्रम पूरा हो जाता है। ऐसे विभागों में पाठ्यक्रम को विस्तार दिया जाना है। कला, साइंस से लेकर वाणिज्य विभाग में ऐसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। इन सभी को अपडेट किया जाना है। बाजार में रोजगार के लिए क्या मांग है? इसे आंकने के बाद ही प्रोफेशनल कोर्सों के पाठ्यक्रम को अपडेट किया जाना प्रस्तावित है।
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इनके अलावा अकादमिक विषयों में भी उद्योगों की मांगों को देखते हुए नए विषय शामिल किए जा सकते हैं। यहीं नहीं, जिन विषयों में अभी तक जॉब ट्रेनिंग को शुरू नहीं किया गया है, ऐसे कई विषयों की डिग्री में इसे लागू किया जा सकता है। दूसरी तरफ कला संकाय में कई विषय ऐसे हैं, जहां पर महज दो से तीन महीनों की कक्षाओं में पाठ्यक्रम पूरा हो जाता है। इन विषयों के पाठ्यक्रम को विस्तार दिया जाना है।
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18 फरवरी को विश्वविद्यालय खुलने के बाद से ही इस प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। इसे जुलाई के सत्र से लागू करने का लक्ष्य रखा है। इस दौरान बाजार की मांग से लेकर अन्य सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम किया जाना है। विश्वविद्यालय के डीन आफ स्टडी प्रो. सुरेश कुमार ने माना कि विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम को विस्तार देने और बदलाव लाने की प्रक्रिया फरवरी से शुरू होगी। जुलाई से शुरू होने वाले अगले सत्र से नया पाठ्यक्रम लागू करने का लक्ष्य रखा है।