{"_id":"687a5934f5108d72cd05003f","slug":"himachal-pradesh-fraud-is-happening-through-fake-pm-kisan-app-2025-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: सावधान! फर्जी पीएम किसान एप से हो रही ठगी, निशाने पर लाभार्थी; गलती हुई तो लग जाएगा चूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: सावधान! फर्जी पीएम किसान एप से हो रही ठगी, निशाने पर लाभार्थी; गलती हुई तो लग जाएगा चूना
Fri, 18 Jul 2025 07:57 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 18 Jul 2025 07:57 PM IST
सार
साइबर ठग पीएम किसान योजना से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइटों और मोबाइल एप का निर्माण कर रहे हैं। ठग लाभार्थियों को ठग रहे हैं। इन फर्जी लिंक के माध्यम से वे सीधे बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
फ्रॉड।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी साइबर ठगों के निशाने पर हैं। किसानों को फोन कर उन्हें मोबाइल पर पीएम किसान एप डाउनलोड करने के लिए फर्जी लिंक और फाइल शेयर की जा रही है। लोगों को गुमराह कर आधार नंबर और ओटीपी पूछकर बैंक खातों में सेंध लगाई जा रही है। साइबर पुलिस ने इस संबंध में लाभार्थियों को आगाह किया है और विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
विज्ञापन
साइबर ठग पीएम किसान योजना से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइटों और मोबाइल एच का निर्माण कर रहे हैं। ये ठग लाभार्थियों को फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से फर्जी लिंक भेजते हैं। जैसे ही कोई लाभार्थी इन लिंक पर क्लिक करता है या फर्जी एप डाउनलोड करता है, ठगों को उनके मोबाइल फोन का एक्सेस मिल जाता है। इसके बाद वह चालाकी से बैंक खाते की जानकारी जैसे वन टाइम पासवर्ड और आधार नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते हैं और फिर खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
विज्ञापन
यदि आपको कोई संदिग्ध लिंक या मैसेज मिलता है, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें। कभी भी अपनी व्यक्तिगत या बैंक जानकारी साझा न करें। पीएम किसान योजना को लेकर कोई भी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट अथवा स्थानीय जिला या ब्लॉक कृषि अधिकारी से ही प्राप्त करें। - मोहित चावला, डीआईजी साइबर क्राइम
विज्ञापन