फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Pradesh Flood Bishan of Nihari narrated his ordeal mandi heavy rain and cloud burst

Himachal Pradesh Flood: 'रात भर पेड़ की टहनी को पकड़ कर बचाई जान, सामने सैलाब में बह गई महिला, नहीं बचा सका'

Fri, 04 Jul 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 04 Jul 2025 05:00 AM IST
सार

Mandi Cloud Burst: जिला मंडी में में आई आपदा के दौरान मौत के मुंह से निकलकर उपचार के लिए जोनल अस्पताल मंडी पहुंचे बिशन सिंह ने भी उस रात का वाक्या बताया। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Himachal Pradesh Flood Bishan of Nihari narrated his ordeal mandi heavy rain and cloud burst
सराज घाटी के लंबाथाच निहरी गांव में बाढ़ प्रभावित बिशन सिंह क्षेत्रीय अस्पताल में उपचारधीन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सराज घाटी के लंबाथाच के निहरी में बादल फटने के बाद तबाही के कई मंजर सामने आ रहे हैं। आपदा के दौरान मौत के मुंह से निकलकर उपचार के लिए जोनल अस्पताल मंडी पहुंचे बिशन सिंह ने भी उस रात का वाक्या बताया। कहा कि बीते सोमवार की रात भयानक थी। चारों तरफ अंधेरा और जमकर बारिश हो रही थी। घरों को खतरा देख परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर निकले तो भूस्खलन शुरू हो गया। तभी मैं और हमारे पॉलीहाउस में काम करने वाली महिला मजदूर पहाड़ी के मलबे में आने से 50 मीटर नीचे पहुंच गए। मेरे हाथ में एक पेड़ की टहनी आ गई। उसे पकड़कर रात गुजारी जबकि पश्चिम बंगाल की महिला मजदूर सुष्मिता नीचे नाले के तेज बहाव में बह गई। मेरी आंखों के सामने वह बह गई लेकिन मैं उसे नहीं बचा पाया।

विज्ञापन


सुबह हुई तो चारों तरफ मलबा ही था। मेरी बाजू टूट चुकी थी और टांग में गहरी चोट लगी थी। ऐसे में जंगल के पथरीले और कंटीले रास्तों में रेंगता हुआ परिजनों तक पहुंचा। दो दिन भारी बारिश के चलते परिजनों के साथ रहा। बुधवार को पड़ोसियों ने कुर्सी पर बैठाकर क्षतिग्रस्त रास्तों और पहाड़ों को पार कर आयुर्वेदिक फार्मेसी निहरी पहुंचाया। ग्रामीणों ने वीरवार सुबह सात बजे करीब 30 किलोमीटर पैदल चलकर बगस्याड़ मुख्य सड़क तक पहुंचाया। उसके बाद निजी वाहन से क्षेत्रीय अस्पताल मंडी पहुंचा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Chamba: बारिश में बहा रसोईघर, एक व्यक्ति की मौत, दोस्त घायल

विज्ञापन
विज्ञापन

रात 11:30 बजे फटा था बादल
बिशन सिंह के भांजे गुलशन ने बताया कि घटना वाली रात करीब 11:30 बजे बादल फटा था। घर के दूसरे किनारे बहने वाला नाला उफान पर था। उस समय घर पर मामा बिशन, मामी जगदंबा देवी, पिता उत्तम शेट्टी, उनका बेटा पारस, तेजेंद्र, दामेश्वरनी मौजूद थे। सभी पश्चिम बंगाल से पॉलीहाउस में मजदूरी कर रहे दंपती 22 वर्षीय शरण और 20 वर्षीय सुष्मिता को साथ लेकर ऊंचाई वाली जगह के लिए निकल पड़े। घर से कुछ दूर जाने पर ऊपर से पेड़ों और पत्थरों की गड़गड़ाहट सुनने पर सभी वापस घर की तरफ लौट आए। जब तक सब घर पहुंचते बिशन और मजदूर सुष्मिता मलबे की चपेट में आकर करीब 50 मीटर नीचे पहुंच गए। बिशन ने किसी तरह पेड़ की टहनी पकड़कर जान बचा ली, जबकि सुष्मिता पानी के तेज बहाव में बह गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed