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Himachal CM Interview: भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद करेंगे, राजस्व बढ़ाने के उपाय तलाशेंगे- मुख्यमंत्री सुक्खू

Wed, 11 Dec 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 11 Dec 2024 05:00 AM IST
सार

आज 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने हिमाचल प्रदेश में दो साल पूरे कर लिए हैं। इस उपलक्ष्य पर अमर उजाला के राज्य ब्यूरो प्रमुख सुरेश शांडिल्य ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से विशेष बातचीत की।
 

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himachal pradesh cm sukhvinder singh sukhu interview with amar ujala
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से अमर उजाला की विशेष बातचीत। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार आज 11 दिसंबर को दो साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही है। सुक्खू कहते हैं कि उन्होंने बचपन से ही संघर्ष किया और अभी भी कई चुनौतियों से जूझते हुए आम जनता की सेवा में जुटे हैं। छात्र राजनीति के रास्ते मुख्यधारा की सियासत में आए मुख्यमंत्री ने नारा दिया है कि वे सरकार में सत्ता सुख के लिए नहीं, व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं। इस दिशा में वे दिन-रात संघर्षरत हैं। इस उपलक्ष्य पर अमर उजाला के राज्य ब्यूरो प्रमुख सुरेश शांडिल्य ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से विशेष बातचीत की।

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सवाल- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के गृह क्षेत्र में दूसरे साल की वर्षगांठ के क्या राजनीतिक मायने हैं?
जवाब- पहली वर्षगांठ धर्मशाला में बनाई थी तो दूसरी के लिए बिलासपुर चुना गया है। सरकार अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजनों को बढ़ावा देती है। सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र को समुचित प्रतिनिधित्व दे रही है।
 

सवाल- कांग्रेस की सभी गारंटियां कब पूरी होंगी?
जवाब- सात गारंटियां 11 दिसंबर को पूरी हो जाएंगी। हमने गारंटियों को पांच साल में पूरा करने की बात की है। फिर भी सात गारंटियों को दो साल में धरातल पर उतारा जा रहा है। हमारे पास अभी तीन साल और हैं, जिनमें सभी गारंटियां पूरी होंगी। गारंटियों के अलावा भी सरकार ने बहुत कुछ किया है। हमने हर तबके का ध्यान रखा है। यह विपक्ष को नजर नहीं आता है।
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सवाल- प्रदेश पर 90 हजार करोड़ का कर्ज है, कभी चुकता होगा?
जवाब- जब हम सत्ता में आए तो राज्य पर 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था। इसके अलावा 10 हजार करोड़ रुपये की अलग से देनदारियां भाजपा ने हम पर छोड़ीं। कर्जा चलता रहता है। जब प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा तो ऋण का बोझ भी कम होगा। 40 साल पुरानी व्यवस्था को बदला जा रहा है। हम सरकार में सत्ता सुख नहीं, व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं।

सवाल- अगले वर्ष केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान भी कम हो रहा है, कैसे पूर्ति करेंगे?
जवाब- हां, अगले साल केंद्र राजस्व घाटा अनुदान में 3200 करोड़ रुपये की कटौती करने जा रहा है। ऐसे में घाटे की पूर्ति के लिए सरकार वित्तीय प्रबंधन पर ध्यान दे रही है। इसके लिए उपदानों का युक्तीकरण किया जा रहा है। भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद किए जाएंगे। राजस्व बढ़ाने के और उपाय तलाशे जाएंगे। हमने आबकारी समेत कई विभागों में व्यवस्था परिवर्तन से आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए हैं।

सवाल- मंत्रियों के काम से कितने संतुष्ट हैं, क्या कैबिनेट में फेरबदल करेंगे?
जवाब- मंत्रियों का कामकाज बहुत अच्छा रहा है। तभी इतनी चुनौतियों को पार कर पा रहे हैं। आने वाले समय में मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। मंत्री का एक रिक्त भरा जाएगा। मंत्रिमंडल में फेरबदल भी किया जा सकता है। मंत्रियों के विभागों को बदला जा सकता है। यह कामकाज को और बेहतर करने के लिए होगा।

सवाल- भाजपा हिमाचल को गांधी परिवार का एटीएम कहती है?
जवाब- भाजपा के पास कहने को कुछ नहीं है। गांधी परिवार ने देश के लिए कई बलिदान दिए हैं। इस देश के लिए प्राणों की आहुतियां दे दीं। इनके एक भी नेता का नाम बताओ, जिन्होंने देश की आजादी तथा देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान दिए हों। भाजपा के नेता आजकल प्रदर्शन कर रहे हैं। इसका उन्हें पूरा अधिकार है। पर आज देखने वाली बात यह है कि प्रदर्शनों की स्पर्धा में इनका कौन-सा गुट हावी रहता है। भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार को हमारी सरकार की नीतियों की लगातार तारीफ कर रहे हैं। बाकी नेताओं के पास कोई मुद्दा नहीं है।
 

सवाल- अफसरशाही के काम से कितने संतुष्ट हैं?
जवाब- केंद्र में भाजपा की सरकार है तो कुछ अधिकारियों पर दबाव रहता है, पर बहुत से अधिकारी हिमाचल प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। तभी राज्य आगे बढ़ रहा है। इन्हें साथ में दो अलग बॉक्स या स्क्रीन में ले सकते हैं।
 

सवाल- ईडी मामले में गिरफ्तार लोग क्या सरकार के नजदीकी हैं?
जवाब- इस मामले में एक केस पहले ही रजिस्टर्ड है। दस साल पहले भी इस मामले में नाम जोड़ने का प्रयास किया गया। मैंने एक लाख रुपये जमा करके मानहानि का केस किया। ईडी ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया, उनमें से ज्ञान चंद नादौन से हैं तो इसलिए क्या ताल्लुक जोड़ना सही है कि यह मेरा निर्वाचन हलका है। पिछली भाजपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उस समय के उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कांगड़ा में ज्ञान चंद का क्रशर मंजूर किया। वह मल्टी पार्टी सपोर्टर हैं। अगर विधानसभा चुनाव में मेरा समर्थन किया तो लोकसभा में वह अनुराग ठाकुर का समर्थक रहा है। ज्वालामुखी में रमेश धवाला का रहा है तो क्या सबसे कनेक्शन जोड़े जाएं। कोई चुनाव में आपकी विचारधारा के साथ है तो उसे हर मामले में जोड़ना उचित नहीं है। ईडी ने एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है जो भाजपा और आरएसएस से जुड़ा रहा है। भाजपा इसकी बात क्यों नहीं करती। केवल राजनीतिक रोटियां सेंक रही है।

सवाल- क्या सरकार और संगठन में तालमेल नहीं है?
जवाब- हमारे यहां गुटबाजी गुजरे जमाने की बात हो गई है। कांग्रेस का संगठन भंग चल रहा है। सरकार और संगठन में अच्छा तालमेल रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह खुद सरकार की कार्यशैली की तारीफ करती हैं। भाजपा में गुटबाजी जरूर चरम पर है। वहां पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को हटाने के अभियान में बीजेपी का एक गुट लगा है। अनुराग अपना राग अलाप रहे हैं। नड्डा अपनी राह पर चले हुए हैं। जयराम की अब कोई पूछ नहीं है। पांच गुटों में बंटी भाजपा की अपनी हालत खराब है। यह जाहिर है कि भाजपा को 171 मंडल बनाने पड़े। जो डबल से भी ज्यादा हैं। लड़ाई से बंटे नेताओं को अपने-अपने लोगों को मंडलों में एडजस्ट करना है। भाजपा के नेता कांग्रेस को लक्षित करने के बजाय अब मुझ पर आक्षेप ज्यादा लगा रहे हैं, जिनका कहीं कोई आधार नहीं है।
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