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'दागी अफसरों को दो हफ्ते में हटाएं'
अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 19 Nov 2013 01:51 PM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह दागी अफसरों को संवेदनशील पदों से दो सप्ताह के भीतर हटाए।
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सोमवार को केस की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से अदालत को बताया गया कि 14 नवंबर को पारित आदेशों का पालन करते हुए मुख्य सचिव ने शपथ पत्र दायर कर दिया है। इसके अनुसार प्रदेश सरकार में 43 ऐसे अधिकारी हैं, जो संवेदनशील पदों पर तैनात हैं। जवाब में इनके वर्तमान पद भी दिए गए हैं।
अदालत को बताया गया कि इन अधिकारियों के स्थानांतरण के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार की ओर से इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई।
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अदालत ने दागी अधिकारियों को संवेदनशील पदों से हटाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। साथ ही मुख्य सचिव को आदेश दिया कि वह शपथ पत्र के माध्यम से अदालत को बताएं कि इन अधिकारियों को अब कहां स्थानांतरित किया गया है? मामले की सुनवाई दो सप्ताह के बाद होगी।
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गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पूर्व ड्रग कंट्रोलर शेर सिंह के केस में हाईकोर्ट को दिए हलफनामे में कहा था कि राज्य में इस समय 78 अफसर ऐसे हैं, जो आफिसर्स आन डाउटफुल इंटिग्रिटी की कैटेगिरी में आते हैं। इनमें से 43 इस समय संवेदनशील पदों पर हैं। इसे हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। इस केस में पहले 30 अक्तूबर और फिर 14 नवंबर को भी सरकार की फजीहत हो चुकी है।
दागी अफसरों में पीडब्ल्यूडी-बिजली बोर्ड टॉपर
78 दागी अफसरों में पीडब्ल्यूडी के सबसे ज्यादा 18, बिजली बोर्ड के 15, राजस्व विभाग के 9, दो एचएएस, वन विभाग के 6, कृषि के 4 अफसर शामिल हैं। दूसरे अफसरों में आयुर्वेद, शहरी विकास, आबकारी एवं कराधान, ट्रेजरी और हिमऊर्जा आदि के हैं।
तीन महीने में पूरी होगी विभागीय जांच
हाईकोर्ट के दबाव के बाद विजिलेंस ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र भेजे हैं कि दागी अफसरों के खिलाफ लंबित विभागीय जांच तीन महीने के भीतर पूरी की जाए। केवल उन मामलों को छोड़कर जिनके केस वर्तमान में कोर्ट में चल रहे हैं। यह बात हलफनामे में सरकार ने कही है।