{"_id":"67e170dde45032530d0289d2","slug":"himachal-now-treatment-will-be-available-at-the-disaster-site-two-bhishma-cube-aiims-arrived-2025-03-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: अब आपदा स्थल पर मिलेगा इलाज, दो भीष्म क्यूब एम्स पहुंचे; जगत प्रकाश नड्डा ने की थी घोषणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: अब आपदा स्थल पर मिलेगा इलाज, दो भीष्म क्यूब एम्स पहुंचे; जगत प्रकाश नड्डा ने की थी घोषणा
Tue, 25 Mar 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
सरोज पाठक, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
सरोज पाठक, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 25 Mar 2025 05:00 AM IST
सार
केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट भीष्म के तहत एम्स बिलासपुर को दो अत्याधुनिक भीष्म क्यूब मिले हैं। भीष्म क्यूब अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किए गए हैं। इन्हें हेलिकॉप्टर या अन्य साधनों से सीधे आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचाया जाएगा। इनके क्या फायदे हैं जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
एम्स बिलासपुर (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अब पीड़ितों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट भीष्म के तहत एम्स बिलासपुर को दो अत्याधुनिक भीष्म क्यूब मिले हैं। इनकी कीमत 6 करोड़ रुपये है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पहले एक क्यूब देने की घोषणा की थी, लेकिन अब उन्होंने दो क्यूब भेजे हैं। सोमवार को इनकी खेप एम्स पहुंची।
विज्ञापन
किसी भी तरह की आपदा के दौरान लोगों को सही समय पर मौके पर इलाज देने के लिए केंद्र ने इस प्रोजेक्ट के तहत बिलासपुर एम्स को जोड़ा है। दावा है कि प्रोजेक्ट से जुड़ने वाला बिलासपुर एम्स देश का पहला स्वास्थ्य संस्थान है। भीष्म क्यूब अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किए गए हैं। इन्हें हेलिकॉप्टर या अन्य साधनों से सीधे आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचाया जाएगा। मौके पर पहुंचते ही आठ से दस मिनट में अस्पताल तैयार कर घायलों का इलाज शुरू किया जा सकेगा। इसमें माइनर ऑपरेशन थिएटर, एक्स-रे, वेंटिलेटर, ब्लड सैंपल जांच और अन्य आपातकालीन सुविधाएं मौजूद होंगी।
विज्ञापन
हिमाचल में बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ या अन्य आपदाओं के दौरान अब रास्ते बंद होने की स्थिति में भी पीड़ितों को समय पर इलाज मिल सकेगा। इस योजना के तहत एम्स के डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे आपदा स्थल पर पहुंचकर तेजी से चिकित्सा सुविधा दे सकें। भीष्म प्रोजेक्ट शुरू होने से आपदा के दौरान होने वाली मौत के आंकड़ों में भी कमी आएगी।
ऐसे काम करेगा भीष्म क्यूब
भीष्म क्यूब मोबाइल अस्पताल है। इसे तेजी से आपदा स्थल पर पहुंचाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बॉक्स ऊंचाई से गिराने पर भी नहीं टूटते और न ही पानी का इन पर असर पड़ता है। इसे हेलिकॉप्टर, ट्रक या दूसरे माध्यमों से आपदा प्रभावित इलाकों तक ले जाया जाएगा। वहां तुरंत अस्पताल स्थापित कर इलाज शुरू किया जाएगा।
ऐसे काम करेगा भीष्म क्यूब
भीष्म क्यूब मोबाइल अस्पताल है। इसे तेजी से आपदा स्थल पर पहुंचाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बॉक्स ऊंचाई से गिराने पर भी नहीं टूटते और न ही पानी का इन पर असर पड़ता है। इसे हेलिकॉप्टर, ट्रक या दूसरे माध्यमों से आपदा प्रभावित इलाकों तक ले जाया जाएगा। वहां तुरंत अस्पताल स्थापित कर इलाज शुरू किया जाएगा।
छोटे-छोटे बॉक्स में है पूरा अस्पताल
क्यूब में लोहे के तीन फ्रेम हैं। प्रत्येक फ्रेम में 12 छोटे बॉक्स हैं। यानी कुल 36 बॉक्स में सारा सामान है। तीनों फ्रेमों के बीच में एक छोटा जेनरेटर है। फ्रेम के ऊपर दो स्ट्रेचर भी हैं जो ऑपरेशन थियेटर में बिस्तर का काम कर सकते हैं। प्रत्येक बॉक्स के अंदर भारत निर्मित दवा, उपकरण और खाद्य सामग्री है। पेन एंटीबायोटिक किट, शॉक किट, चेस्ट इंजरी किट, एयरवे किट और ब्लीडिंग किट है।
क्यूब में लोहे के तीन फ्रेम हैं। प्रत्येक फ्रेम में 12 छोटे बॉक्स हैं। यानी कुल 36 बॉक्स में सारा सामान है। तीनों फ्रेमों के बीच में एक छोटा जेनरेटर है। फ्रेम के ऊपर दो स्ट्रेचर भी हैं जो ऑपरेशन थियेटर में बिस्तर का काम कर सकते हैं। प्रत्येक बॉक्स के अंदर भारत निर्मित दवा, उपकरण और खाद्य सामग्री है। पेन एंटीबायोटिक किट, शॉक किट, चेस्ट इंजरी किट, एयरवे किट और ब्लीडिंग किट है।