{"_id":"6838718f0cb3368c5d0c28ae","slug":"himachal-now-cbi-will-argue-on-meena-bail-plea-vimal-negi-wife-has-accused-him-of-harassment-2025-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal : अब सीबीआई करेगी मीणा की जमानत याचिका पर बहस, विमल नेगी की पत्नी ने लगाए हैं प्रताड़ित करने के आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal : अब सीबीआई करेगी मीणा की जमानत याचिका पर बहस, विमल नेगी की पत्नी ने लगाए हैं प्रताड़ित करने के आरोप
Fri, 30 May 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 30 May 2025 05:00 AM IST
सार
विमल नेगी की मौत से जुड़े मामले में कॉरपोरेशन के पूर्व एमडी हरिकेश मीणा की अंतरिम जमानत पर अब सीबीआई बहस करेगी। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत से जुड़े मामले में कॉरपोरेशन के पूर्व एमडी हरिकेश मीणा की अंतरिम जमानत पर अब सीबीआई बहस करेगी। अदालत ने मीणा की अंतरिम जमानत 5 जून तक बढ़ा दी है। इससे पहले मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अदालत में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें बताया गया है कि हाईकोर्ट की ओर से 23 मई को सीडब्ल्यूपी नंबर 6508/2025 के पारित निर्णय के तहत जांच सीबीआई को स्थानांतरित कर दी गई है। इस मामले में अब आवेदक को उचित आवेदन दाखिल करना होगा।
विज्ञापन
न्यायाधीश विरेंद्र सिंह की अदालत ने आवेदन के बाद सीबीआई को पार्टी बनाया है। वहीं अदालत में वीरवार को सुनवाई के दौरान हरिकेश मीणा व्यक्तिगत तौर पर पेश नहीं हुए। उन्होंने न्यायालय में गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर कर रखी है। इसी पर अब बहस होनी है। गौरतलब है कि 10 मार्च से लापता नेगी का 18 मार्च को बिलासपुर स्थित गोबिंद सागर झील में शव मिला था। नेगी के लापता होने के बाद उनकी पत्नी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखा था और निगम के पूर्व एमडी हरिकेश मीणा, पूर्व निदेशक देसराज समेत शिवम प्रताप पर गंभीर आरोप लगाए थे। पत्नी का आरोप है कि उच्च अधिकारियों ने उनके पति को मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया है। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद न्यू शिमला पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इसी मामले में पूर्व निदेशक देसराज को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली हुई है।
विज्ञापन