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Himachal News: गुच्छी को मशरूम की तरह अब खुद उगा सकेंगे लोग, इसमें होते हैं कई तरह के औषधीय गुण; जानें

Fri, 07 Feb 2025 01:19 PM IST
अंकेश डोगरा ललित कश्यप, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
ललित कश्यप, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 07 Feb 2025 01:19 PM IST
सार

ग्रीन हाउस में गुच्छी तैयार करने में सफलता मिलने के बाद खुंब अनुसंधान एवं निदेशालय ने गुच्छी के आकार और बीज पर शोध शुरू कर दिया है।

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Himachal News People will now be able to grow Gucchi like mushrooms
ग्रीम हाउस में तैयारी की गई गुच्छी/डॉ. वीपी शर्मा, निदेशक - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

पहाड़ों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली औषधीय गुणों से भरपूर गुच्छी को लोग बहुत जल्द मशरूम की तरह खुद उगा सकेंगे। ग्रीन हाउस में गुच्छी तैयार करने में सफलता मिलने के बाद खुंब अनुसंधान एवं निदेशालय ने गुच्छी के आकार और बीज पर शोध शुरू कर दिया है। शोध पूरा होने के बाद निदेशालय की ओर से लोगों को बीज उपलब्ध करवाया जा सकता है। प्राकृतिक तौर पर उगने वाली गुच्छी करीब 25 से 30 हजार रुपये प्रति किलो बिकती है। गुच्छी का निर्यात भी किया जाता है।

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डीएमआर के विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि अभी तक गुच्छी साढ़े छह हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर देवदार, कायल आदि के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगती है। इसे खेतों में उगाना संभव नहीं था, क्योंकि इसका बीज विकसित नहीं किया जा सका था। खुंब अनुसंधान एवं निदेशालय को इसे उगाने में सफलता मिली है। अब बीज समेत गुणवत्ता पर शोध किया जा रहा है।

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गुच्छी तैयार करने में भारत अग्रणी देशों में शुमार
ग्रीन हाउस के अंदर गुच्छी तैयार करने में सफल रहने के बाद भारत ने चीन, अमेरिका, फ्रांस, कनाडा समेत अन्य देशों की सूची में अपना नाम शामिल कर लिया है। निदेशालय की ओर से तैयार की गुच्छी की गुणवत्ता प्राकृतिक गुच्छी के सम्मान है। पिछले वर्ष किए अंतिम शोध में गुच्छी (मोर्किला) की बंपर क्रॉप निकली थी। खुंब अनुसंधान एवं निदेशालय के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने बताया कि कई विकसित देशों में भारत का नाम भी गुच्छी मशरूम को तैयार करने में आ गया है। अब बीज और आकार पर शोध किया जा रहा है। प्राकृतिक और ग्रीन हाउस में उगाई गुच्छी की गुणवत्ता एक समान है।

गुच्छी में हैं कई तरह के औषधीय गुण 
वैज्ञानिकों के अनुसार गुच्छी में विटामिन डी, सी, आयरन, कॉपर, जिंक और फास्फोरस अच्छी मात्रा में पाया जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसके सेवन से गठिया, थायराइड, हड्डी रोग, मानसिक तनाव को खत्म करने में मदद मिलती है। वहीं, दिल के रोग दूर करने और शरीर की चोट को भी जल्द भरने में यह लाभकारी है।

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