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डीएलएड काउंसलिंग: 3,576 में से 70 अभ्यर्थी ही पहुंचे, 66 को मिला प्रवेश; खाली ही रहेंगी 248 सीटें

Tue, 08 Oct 2024 08:36 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 08 Oct 2024 08:36 PM IST
सार

डीएलएड करने में युवाओं ने इस बार खास दिलचस्पी नहीं ली है। मंगलवार को प्रदेश शिक्षा बोर्ड की ओर से चौथे दौर की काउंसलिंग करवाई। इस दौर के लिए बोर्ड ने 314 सीटों के लिए 3,576 अभ्यर्थी शार्टलिस्ट किए थे, लेकिन काउंसलिंग में केवल 70 अभ्यर्थी ही पहुंचे। 

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Himachal News D.El.Ed Counseling Out of 3576 candidates only 70 reached 66 got admission
धर्मशाला के स्कूल शिक्षा बोर्ड में डीएलएड की काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल में दो साल के डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन कोर्स (डीएलएड) को करने में युवाओं ने इस बार खास दिलचस्पी नहीं ली है। युवाओं के कम रुझान को देखते हुए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अब आगे की काउंसलिंग नहीं करवाएगा। बोर्ड के इस निर्णय के कारण प्रदेश के सरकारी और निजी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) में करीब 248 सीटें अब खाली ही रह जाएंगे।

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तीसरे दौर की काउंसलिंग के बाद डीएलएड की करीब 314 सीटें खाली रह गई थीं। इनमें 124 सरकारी और 190 निजी संस्थानों में सब्सिडाइज्ड-नॉन सब्सिडाइज्ड थीं। खाली पड़ी इन सीटों को भरने के लिए मंगलवार को प्रदेश शिक्षा बोर्ड की ओर से चौथे दौर की काउंसलिंग करवाई थी। इस दौर के लिए बोर्ड ने 314 सीटों के लिए 3,576 अभ्यर्थी शार्टलिस्ट किए थे, लेकिन काउंसलिंग में केवल 70 अभ्यर्थी ही पहुंचे। इनमें से 66 अभ्यर्थियों को सीटें मिलीं। बाकी चार ने मना कर दिया।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि चौथे चरण की काउंसलिंग में आरक्षण रोस्टर खत्म कर दिया गया था। इसके बावजूद बहुत कम अभ्यर्थी ही काउंसलिंग में पहुंचे। उन्होंने बताया कि अब कोई काउंसलिंग नहीं करवाई जाएगी। डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन 2 साल का पूर्णकालिक कोर्स है जो शिक्षक तैयार करता है और उन्हें प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने में सक्षम होने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है। चार सेमेस्टर का कोर्स इच्छुक शिक्षकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और कक्षा शिक्षण प्रदान करता है।

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निजी संस्थानों में सीटें खाली रहने की फीस भी है वजह
हिमाचल के निजी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) में डीएलएड कोर्स की सीटें सरकारी के मुकाबले ज्यादा खाली हैं। इसकी एक वजह फीस अधिक होना भी बताया जा रहा है। निजी संस्थानों में सब्सिडाइज्ड सीटों की सालाना फीस 19,800 रुपये और नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों की 33 हजार रुपये है।

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