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Himachal News: बीबीएमबी लगाएगा 13 हजार मेगावाट की क्षमता के प्रोजेक्ट, जानें विस्तार से
Mon, 20 Oct 2025 10:57 AM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर(मंडी)।
संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर(मंडी)।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 20 Oct 2025 10:57 AM IST
सार
बीबीएमबी हिमाचल सरकार के साथ मिलकर 13 हजार मेगावाट के बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट राज्य में लगाने वाला है। हिमाचल प्रदेश सरकार और बीबीएमबी के अधिकारियों ने एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) का ड्राफ्ट बनाया है, जिसके तहत एक पार्टनर स्टेट कमेटी बनाई गई है।
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भाखड़ा बांध।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) हिमाचल सरकार के साथ मिलकर 13 हजार मेगावाट के बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट राज्य में लगाने वाला है। 10 अक्तूबर को चंडीगढ़ में बोर्ड की बैठक में इसका निर्णय लिया गया है। इसमें हिमाचल प्रदेश सरकार और बीबीएमबी के अधिकारियों ने एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) का ड्राफ्ट बनाया है, जिसके तहत एक पार्टनर स्टेट कमेटी बनाई गई है।
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यह कमेटी 31 अक्तूबर को एक बार फिर अंतिम निर्णय लेगी कि किस तरह से हाइड्रो प्रोजेक्ट का निर्माण करना है। 31 अक्तूबर के बाद बीबीएमबी कांगड़ा जिले में पौंग बांध पर प्रदेश के सबसे बड़े 2800 मेगावाट और भाखड़ा में 1500 मेगावाट के प्रोजेेक्ट की डीपीआर पर काम शुरू कर देगा। जैसे ही एमओयू साइन हो जाएगा, बोर्ड इन दोनों प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करवाएगा, जिसमें 18 महीने लगेंगे। उसके बाद सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को प्रोजेक्ट भेजा जाएगा।
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इन दोनों प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने और पास होने में दो साल लगेंगे। जैसे ही हरी झंडी मिलेगी इन प्रोजेक्ट को बीबीएमबी अवॉर्ड करने के बाद चार साल के अंदर बनाएगा। इन दोनों प्रोजेक्ट को मिलाकर करीब 13 हजार मेगावाट की क्षमता के दूसरे प्रोजेक्ट पर बीबीएमबी काम शुरू कर देगा। इन प्रोजेक्टों पर 65 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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सरकार की ऊर्जा नीति न बन जाए कहीं रोड़ा
31 अक्तूबर के बाद ही इस योजना को लेकर हिमाचल सरकार और बीबीएमबी में एमओयू साइन होगा। हालांकि वर्तमान प्रदेश सरकार की ऊर्जा नीति इस ऊर्जा उत्पादन के रास्ते में कहीं रोड़ा न बन जाए। इसमें पावर प्रोजेक्टों को 12 से 30 फीसदी तक की राॅयल्टी सरकार को देने का पेच फंस सकता है। इसी वजह से 42 मेगावाट का बग्गी हाइड्रो प्रोजेक्ट भी लटका है। हालांकि अगर 31 अक्तूबर के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी तो भाखड़ा और पौंग में काम शुरू हो जाएगा।
10 अक्तूबर को हिमाचल सरकार के अधिकारियों और बीबीएमबी के अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें प्रदेश में 13 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए एमओयू पर चर्चा हुई। 13 हजार मेगावाट के प्रोजेक्ट्स के निर्माण पर करीब 65 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। - इंजीनियर मनोज त्रिपाठी, चेयरमैन बीबीएमबी
31 अक्तूबर के बाद ही इस योजना को लेकर हिमाचल सरकार और बीबीएमबी में एमओयू साइन होगा। हालांकि वर्तमान प्रदेश सरकार की ऊर्जा नीति इस ऊर्जा उत्पादन के रास्ते में कहीं रोड़ा न बन जाए। इसमें पावर प्रोजेक्टों को 12 से 30 फीसदी तक की राॅयल्टी सरकार को देने का पेच फंस सकता है। इसी वजह से 42 मेगावाट का बग्गी हाइड्रो प्रोजेक्ट भी लटका है। हालांकि अगर 31 अक्तूबर के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी तो भाखड़ा और पौंग में काम शुरू हो जाएगा।
10 अक्तूबर को हिमाचल सरकार के अधिकारियों और बीबीएमबी के अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें प्रदेश में 13 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए एमओयू पर चर्चा हुई। 13 हजार मेगावाट के प्रोजेक्ट्स के निर्माण पर करीब 65 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। - इंजीनियर मनोज त्रिपाठी, चेयरमैन बीबीएमबी