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Himachal News: वकील आज और कल अदालतों में नहीं करेंगे काम, अधिवक्ता कानून में संशोधन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन

Wed, 05 Mar 2025 04:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 05 Mar 2025 04:00 AM IST
सार

अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक के मसौदे के विरोध में हिमाचल प्रदेश की सभी अदालतों में 5 और 6 मार्च को वकील अदालतों में काम नहीं करेंगे।

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Himachal Lawyers will not work in courts today and tomorrow protest against amendment in advocate law
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की सभी अदालतों में 5 और 6 मार्च को वकील अदालतों में काम नहीं करेंगे। हिमाचल प्रदेश राज्य समन्वय समिति ने यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया है। समिति के अध्यक्ष एलआर नड्डा ने कहा है कि पूरे प्रदेश से वकीलों के सुझाव आए थे। इसके तहत यह निर्णय लिया गया। अधिवक्ता कानून 1961 में जो संशोधन किए जा रहे हैं वो वकीलों के खिलाफ है।

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नड्डा ने कहा कि समिति 6 मार्च को शाम को होने वाली बैठक में अगली रणनीति तय करेगी। पूरे प्रदेश में उच्च न्यायालय सहित जिला अदालत शिमला, ठियोग, मंडी, कांगड़ा, नूरपूर, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर में भी अदालतों का काम ठप रहा। वहीं जिला अदालत शिमला में दूसरे दिन भी वकीलों ने न्यायिक कार्य को रखा ठप रखा।

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अधिवक्ताओं का कहना है कि जो संशोधन किया जा रहा है वो अधिवक्ताओं के खिलाफ है। सरकारों की ओर से अधिवक्ताओं को कोई सहायता नहीं की जाती। अधिवक्ता लोगों को न्याय दिलाने का काम करता है। इसलिए अधिवक्ता अधिनियम में संशोधन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव देवेंद्र ठाकुर ने कहा कि जरनल हाउस में सर्वसम्मति से अदालती कार्य को ठप रखने का निर्णय लिया गया। वकीलों ने एकमत कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जो अधिवक्ता अधिनियम में संशोधन किए जा रहे हैं वो सरासर गलत हैं। जनरल हाउस में सभी अधिवक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से कानून में जो संशोधन करने का प्रस्ताव लाया गया है वह अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता को खत्म करने वाला है। इसके तहत विदेश में काम कर रहे वकील भी भारत की अदालतों में पैरवी करने आ सकेंगे।

बार काउंसिल ऑफ इडिया में भी केंद्र सरकार ने अपने तीन प्रतिनिधि भेजने का जो प्रस्ताव रखा है,उससे बार कॉउंसिल की स्वायत्ता खत्म होगी। सरकारी प्रतिनिधियों की नियुक्ति की वजह से इसमें केंद्र और राज्यों सरकारों की दखल अंदाजी बढे़गी।

हिमाचल बार काउंसिल का 8 साल से नहीं हुआ चुनाव
हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन जिला शिमला के प्रधान निरंजन वर्मा ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ हिमाचल का 8 साल से चुनाव नहीं हुआ है। नियमों के तहत चुनाव हर पांच साल के बाद कराया जाता है। विशेष परिस्थितियों में ही छह महीने तक इसका कार्यकाल बढ़ाया जाता है। काउंसिल में बिना चुनाव के ही कुछ लोगों को बैठाया गया है। बार काउंसिल वैधानिक निकाय है जो अधिवक्ताओं और सरकार के बीच कड़ी का काम करती है। इतने सालों से चुनाव न होना बडे़ दुर्भाग्य की बात है और सीधा-सीधा बार काउंसिल के नियमों का उल्लंघन है। हिमाचल बार एसोसिएशन के जरनल हाउस में भी अधिवक्ताओं की ओर से काउंसिल की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए गए।
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