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Himachal News: बिजली प्रोजेक्टों पर 2 प्रतिशत की दर से लगेगा भू-राजस्व, पहली जनवरी से लागू होगी नई व्यवस्था
Fri, 12 Dec 2025 08:57 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 12 Dec 2025 08:57 PM IST
सार
बिजली कंपनियों को अब प्रोजेक्ट के औसत बाजार मूल्य का दो फीसदी भू-राजस्व चुकाना होगा। शुक्रवार को भू-राजस्व अधिकारी शिमला और कांगड़ा की ओर से राजपत्र में इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई।
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राजस्व विभाग हिमाचल प्रदेश।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में बिजली कंपनियों को अब प्रोजेक्ट के औसत बाजार मूल्य का दो फीसदी भू-राजस्व चुकाना होगा। जिला स्तर पर बाजार मूल्य का आकलन करने के बाद भू-राजस्व निर्धारित किया गया है। शुक्रवार को भू-राजस्व अधिकारी शिमला और कांगड़ा की ओर से राजपत्र में इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। बिजली प्रोजेक्टों पर भू-राजस्व पहली जनवरी 2026 से लागू होगा। वन सरंक्षण अधिनियम के तहत अनुमति लेकर ट्रांसफर की गई जमीन पर भी भू-राजस्व देना होगा। जमीन का मालिकाना हक यदि प्रोजेक्ट के पास नहीं है, तब भी भू-राजस्व देना होगा।
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ऊर्जा निदेशालय के आकलन के अनुसार कुल 188 बिजली परियोजनाओं से 2,000 करोड़ का भू-राजस्व एकत्र होने का अनुमान है। नई व्यवस्था के तहत ऐसी हर जमीन पर भू-राजस्व देना होगा, जिसे गैर कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार ने इससे पहले बिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाया था लेकिन मामला कोर्ट में चला गया। इसलिए सरकार ने राजस्व विभाग के माध्यम से भू-राजस्व का रास्ता निकाला है, इसके लिए नया कानून बनाया गया। विधानसभा से पारित एक्ट में इसकी अधिकतम सीमा चार फीसदी थी, लेकिन सरकार ने बिजली परियोजनाओं पर दो फीसदी ही भू-राजस्व लगाया है।
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