फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal High Court refuses to impose an interim stay on maternity leave for the birth of a third child

HP High Court: तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश पर अंतरिम रोक लगाने से हिमाचल हाईकोर्ट का इन्कार, जानें

Wed, 17 Dec 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 17 Dec 2025 05:00 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की न्यायाधीश संदीप शर्मा की एकल पीठ ने कहा कि नियुक्ति पाने के बाद तीसरे बच्चे की मां बनने वाली महिला कर्मचारी भी मातृत्व अवकाश पाने की हकदार है। ऐसे में मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश को लेकर दायर आवेदन पर अंतरिम रोक लगाने से किया इन्कार कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Himachal High Court refuses to impose an interim stay on maternity leave for the birth of a third child
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश को लेकर दायर आवेदन पर अंतरिम रोक लगाने से किया इन्कार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने कहा कि एकल जज ने फैसले को पारित करते हुए कोई भी गलती नहीं की है। खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से दायर आवेदन को खारिज करते हुए मुख्य अपील याचिका को एडमिट कर दिया है।

विज्ञापन


न्यायाधीश संदीप शर्मा की एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि नियुक्ति पाने के बाद तीसरे बच्चे की मां बनने वाली महिला कर्मचारी भी मातृत्व अवकाश पाने की हकदार है। मातृत्व अवकाश को लेकर याचिकाकर्ता स्टाफ नर्स अर्चना शर्मा की ओर से याचिका दायर की गई थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर दिया था और राज्य सरकार को आदेश दिए कि वह तुरंत प्रभाव से प्रार्थी को मातृत्व अवकाश प्रदान करे। राज्य सरकार ने एकल जज के फैसले को 59 दिनों की देरी के बाद डबल बैंच के समक्ष चुनौती दी है। अपील में एकल जज की ओर से 30 जुलाई 2025 के निर्णय पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके साथ ही याचिकाकर्ता की ओर से कैविएट याचिका दायर की गई थी।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता ने 5 मार्च 2025 को एक बच्चे को जन्म दिया था। याची ने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी सिविल अस्पताल पांवटा साहिब को 6 मार्च से मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया। लेकिन इस आवेदन पर सक्षम प्राधिकारी की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया। याचिकाकर्ता ने सेवा में शामिल होने से पहले दो बच्चों को जन्म दिया था और यह मुद्दा तीसरे बच्चे से संबंधित है, जिसका जन्म सेवा में शामिल होने के बाद हुआ था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed