HP High Court: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश- शौचालयों के रखरखाव की जिम्मेदारी बीडीओ की; मांगी रिपोर्ट
हिमाचल हाईकोर्ट ने शौचालयों की खस्ताहालत को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश में शौचालयों की रखरखाव की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) की होगी।
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हिमाचल हाईकोर्ट ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रदेश में शौचालयों की रखरखाव की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) की होगी। अदालत ने शौचालयों की खस्ताहालत को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश जारी किए। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने कहा कि बीडोओ अपने क्षेत्र में इस बात का ध्यान रखें कि वहां पर शौचालयों की स्थिति कैसी है। शौचालयों की साफ सफाई, उनका रखरखाव, कितने बंद पडे हैं और कितने नहीं, इस पर रिपोर्ट अदालत में दायर करने के आदेश भी खंडपीठ ने दिए हैं।
न्यायमित्र देवन खन्ना ने अदालत को बताया कि 15 वें वित आयोग ने प्रदेश को 800 करोड़ रुपए सिर्फ सेनिटाइजेशन के लिए दिए हैं। उनमें से 526 करोड़ अभी तक खर्च नहीं किए गए हैं। उन्होंने अदालत से आग्रह किया है कि मानक संचालन प्रक्रिया के तहत फंड के हिस्से को शौचालयों और ठोस अपशिष्ट पर खर्च किया जाए। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि ग्रामीण विकास विभाग ने पैसा ग्राम पंचायतों को जारी कर दिया गया है। सरकार ने प्रदेश में तीन हजार से ऊपर सभी शौचालयों को जियो टैग कर दिया गया है। अदालत ने अगली सुनवाई को अनुपालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है।