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हिमाचल प्रदेश: समाप्त होगी एडहॉक प्रणाली, दो वर्ष में नियमित होंगे कर्मी; अनुबंध भर्ती नीति में थीं कई खामियां

Thu, 24 Jul 2025 06:07 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 24 Jul 2025 06:07 PM IST
सार

Himachal Job Trainee Policy : वीरवार को सरकारी प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा पहले अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की अवधि एडहॉक और उस समय की सरकार के निर्णय पर निर्भर करती थी। नई नीति का उद्देश्य एडहॉक प्रणाली को खत्म करना और नियुक्त किए गए कर्मचारियों को दो वर्ष के बाद नियमित करना है। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Government Adhoc system will end workers will be regularized in two years
हिमाचल प्रदेश सरकार। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार की नई भर्ती नीति जॉब ट्रेनी से एडहॉक प्रणाली समाप्त होगी। वीरवार को सरकारी प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि नई नीति का उद्देश्य संबंधित विभागों के कामकाज को अधिक सहज, दक्ष और कार्यकुशल बनाना है। पहले अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की अवधि एडहॉक और उस समय की सरकार के निर्णय पर निर्भर करती थी। नियमितीकरण की यह अवधि कभी 8 वर्ष तो कभी 2 वर्ष के बीच रही है। इस नई नीति का उद्देश्य एडहॉक प्रणाली को खत्म करना और नियुक्त किए गए कर्मचारियों को दो वर्ष के बाद नियमित करना है।

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प्रवक्ता ने कहा कि नई नीति में दो वर्ष के बाद किसी भी प्रशिक्षु की सेवा समाप्ति का कोई प्रावधान नहीं है। नीति के बारे में कुछ नेता भ्रम फैला रहे हैं। उनसे ये पूछा जाना चाहिए कि हिमाचल के युवाओं की नियमित भर्ती का जो स्रोत अग्निवीर योजना में था, वह पूरी तरह से बंद कैसे हो गया है। नेता यह भी बताएं कि उन युवाओं के भविष्य को लेकर क्या योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिन्हें 23 वर्ष की उम्र में सेवा से बाहर कर दिया जाएगा। ट्रेनी नीति युवाओं के हित में तैयार की गई है और इसके अधिकतर प्रावधान पुरानी अनुबंध नीति के अनुरूप ही हैं।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व की अनुबंध नीति में भी कर्मचारियों को दो वर्षों तक अनुबंध पर रखा जाता था। नई नीति में भी प्रशिक्षु दो वर्षों की ट्रेनिंग पर रहेंगे। दो वर्ष की ट्रेनिंग अवधि के बाद एक सामान्य विभागीय परीक्षा लेने का प्रावधान है, जिसके बारे में जल्द ही कार्मिक विभाग स्थिति स्पष्ट करेगा।

उन्होंने कहा कि जो भी अभ्यर्थी हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग एवं राज्य चयन आयोग के माध्यम से चयनित होंगे, उन्हें दो वर्ष के बाद नियमित किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि पुरानी अनुबंध नीति में कई व्यावहारिक खामियां थीं, जिनके चलते कर्मचारियों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता था और कई मामले न्यायालयों में लंबित हो जाते थे। इन्हीं खामियों को दूर करने के उद्देश्य से सरकार ने 19 जुलाई, 2025 को नई ट्रेनी नीति जारी की है। नई नीति के तहत नियुक्त प्रशिक्षु दो वर्ष की प्रशिक्षण अवधि के दौरान विभागीय कार्यों को सीखेंगे और प्रशिक्षण के बाद वे विभागीय कामकाज को अधिक दक्षता और प्रभावशाली ढंग से निभा सकेंगे।

ये भी पढ़ें- Himachal Pradesh: जॉब ट्रेनी की दो साल में सीखे काम के आधार पर होगी परीक्षा, पास होने वाले ही होंगे नियमित
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