हिमाचल प्रदेश : आपदा से सबक, अब स्कूल भवन बनाने से पहले जांची जाएगी मिट्टी की क्षमता; शिक्षा विभाग ने दिए आदेश
हिमाचल प्रदेश में अब निर्मित होने वाले नए स्कूल भवनों व कमरों से पहले मिट्टी की क्षमता की जांच की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में आपदा से क्षतिग्रस्त हो रहे स्कूल भवनों को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश में निर्मित होने वाले नए स्कूल भवनों व कमरों से पहले मिट्टी की क्षमता की जांच की जाएगी। इसके लिए विभाग ने सभी उपनिदेशकों को संबंधित आदेश फिर जारी कर दिए हैं। आदेशों में स्पष्ट किया है कि स्कूल भवन बनाने से पहले मिट्टी की क्षमता की जांच आवश्यक है। इसी जांच के आधार पर भवन का कार्य आगे बढ़ाया जा सकता है।
ये कदम बच्चों की सुरक्षा और स्कूल भवन की लंबी लाइफ के लिए उठाया है। मिट्टी की क्षमता के अनुसार ही स्कूल भवन बनाने के लिए सरिया, सीमेंट समेत अन्य निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जाएगा। प्रदेश में कई स्कूल भवन ऐसे हैं, जो बिना मिट्टी क्षमता जांच के बना दिए गए। ऐसे में अब दिक्कतें आनी शुरू हो गई हैं। कई स्कूल भवन क्षतिग्रस्त होना भी शुरू हो गए हैं। इससे पहले शिक्षा विभाग की ओर से नालों और खड्ड से स्कूल भवनों की दूरी निर्धारित की है। वहीं, यदि स्कूल भवन बनाने की चयनित की जगह नियमाें के अनुरूप नहीं होगी तो अन्य जगह तराशी जाएगी।
गौर रहे कि आपदा में प्रदेश में स्कूलों को काफी नुकसान पहुंचा है। कहीं डंगा गिर रहा है तो कहीं स्कूल भवन के भीतर दरारें पड़ रही हैं। इससे स्कूली बच्चों को पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वर्ष 2023 की बरसात में भी कई स्कूल भवनों को नुकसान पहुंचा था। बरसात में बारिश के बाद कई स्कूल भवनों की हालत खराब हो गई थी। इनमें से कई स्कूलों को असुरक्षित घोषित कर दिया था। इसके बाद नए कमरे बनाने के निर्देश भी विभाग ने दिए थे। अब ऐसे कमरों को बनाने से पहले भी मिट्टी की जांच लैब में होगी। वहीं, इस वर्ष भी अधिक बरसात के कारण कई स्कूलों के भवनों की हालत खराब हो रही है। हालांकि, शिक्षा विभाग की टीम इसकी जांच भी कर रही है।