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Himachal CPS Case: सीपीएस हटाने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार, भाजपा ने दायर की कैविएट, विधायकी पर संशय बरकरार

Thu, 14 Nov 2024 09:48 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 14 Nov 2024 09:48 PM IST
सार

हिमाचल हाईकोर्ट की ओर से मुख्य संसदीय सचिवों (सीपीएस) की नियुक्तियां रद्द करने के फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। वहीं, भाजपा ने कैविएट फाइल की है।

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Himachal CPS Case Government reaches Supreme Court over removal of CPS BJP files caveat
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल हाईकोर्ट की ओर से मुख्य संसदीय सचिवों (सीपीएस) की नियुक्तियां रद्द करने के फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। हिमाचल प्रदेश सीपीएस/ पीएस एक्ट 2006 को निरस्त करने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में वीरवार शाम को एसएलपी दायर कर दी गई है। उधर, इस मामले में याचिका दायर करने वाले भाजपा नेताओं ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर कर दी है। इसी बीच हटाए गए मुख्य संसदीय सचिवों के विधायक बने पर संशय अभी भी बरकरार है। हाईकोर्ट के फैसले की दोनों पक्ष अलग-अलग व्याख्या कर रहे हैं। विधानसभा सदस्यता समाप्त होने को लेकर विशेषज्ञ भी एकमत नहीं हैं।

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार दोपहर को धर्मशाला से लौटते ही सचिवालय में आला अधिकारियों के साथ बैठक कर इस मामले पर मंत्रणा की। बैठक में मुख्य सचिव के साथ विधि अधिकारी मौजूद रहे। हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए महाधिवक्ता अनूप रतन वीरवार सुबह ही दिल्ली रवाना हो गए थे। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी है। छह पूर्व मुख्य संसदीय सचिवों की विधायकी समाप्त करवाने के लिए भाजपा के विधि विशेषज्ञ भी चर्चा में जुट गए हैं।
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शुक्रवार को भी अफसरों को ओकओवर में बुलाया गया है। शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक है। सीएम ने साफ किया है कि मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। भाजपा से जुड़े मामलों की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावनाओं के मद्देनजर वीरवार को ही कैविएट दायर कर दी है। कैविएट एक कानूनी नोटिस है। सरकार के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर अब याचिकाकर्ता भाजपा नेताओं का पक्ष भी इस मामले में सुना जाएगा।

हाईकोर्ट की जजमेंट पढ़ने के बाद फैसला लेगी सरकार : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों की फाइनल कापी देखने और कैबिनेट में चर्चा के बाद क्या करना और क्या नहीं, इसको लेकर फैसला लिया जाएगा। आफिस ऑफ प्राॅफिट को लेकर भाजपा की ओर से छह मुख्य संसदीय सचिवों की विधायकी भी जाने के मामले पर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट का पूरा ऑर्डर मैंने पढ़ा नहीं है। भाजपा विपक्ष के नाते कुछ तो कहेगी ही। पांच गारंटियां हमने पूरी की हैं। जयराम ठाकुर अब महाराष्ट्र में जाकर दुष्प्रचार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री से मिले अवस्थी और ब्राक्टा
सीपीएस पद से हटाए जाने के बाद पूर्व मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी और मोहन लाल ब्राक्टा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। दोनों ने इस मुद्दे पर सीएम से चर्चा की। रामपुर जा रहे सीएम के साथ वह अनाडेल हेलीपैड तक रहे।

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