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Himachal CM: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- नारेबाजी करने वाले विपक्ष ने सरकार में रहते बांटीं मुफ्त की रेवड़ियां
Mon, 02 Sep 2024 06:52 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 02 Sep 2024 06:52 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व की जयराम सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सरकार में रहते हुए मुफ्त की रेवड़ियां बांटीं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नारेबाजी करने वाले विपक्ष ने सरकार में रहते हुए मुफ्त की रेवड़ियां बांटीं। पूर्व सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन को ठीक करने में समय लग रहा है। छह माह में और फैसले लिए जाएंगे। पहली सितंबर से एक रुपये की विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली सब्सिडी सरकार ने बंद कर दी है। 125 यूनिट तक निशुल्क बिजली अभी मिलती रहेगी। एक परिवार-एक बिजली मीटर योजना को भी सरकार ला रही है। इसके तहत एक परिवार के नाम पर एक ही बिजली मीटर लगेगा।
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विधायक केवल सिंह पठानिया ने प्रश्नकाल में आयकरदाताओं की सब्सिडी बंद करने के फैसले को सराहा। उन्होंने कहा कि हजारों संस्थान खोलने, बिजली-पानी मुफ्त देने के बाद भी प्रदेश की जनता ने भाजपा को नहीं जिताया। बिना बजट प्रावधान की योजनाओं को जनता भी पसंद नहीं करती है। पठानिया ने पूछा कि बिजली सब्सिडी बंद करने से सरकार को कितना लाभ होगा। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2022 में विधानसभा चुनाव थे। भाजपा सरकार ने अप्रैल 2022 में निशुल्क बिजली देने की घोषणा की। पानी के बिल भी छह माह पहले माफ कर दिए। 11 दिसंबर 2022 को जनता ने भाजपा को जवाब दिया कि मुफ्त नहीं, गुणवत्ता चाहिए। पूर्व सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के चलते ही कांग्रेस सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी और खाद्य के क्षेत्र में गुणवत्ता नहीं दे पा रही है। वर्तमान सरकार ने जब पाया कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है तो पाया कि इसके लिए सभी वर्गों का साथ चाहिए। जब उपदानों का आकलन किया तो 14 प्रकार के उपदान दिए जाते हैं। हम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। बिजली बोर्ड को भी आत्मनिर्भर बनाना है।
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बिजली बोर्ड को 2200 करोड़ रुपये का उपदान देना है। अभी उद्योगों की बिजली सब्सिडी बंद नहीं की गई है। सरकार ने नियम 130 पर चर्चा दी है, वह चाहते हैं कि इस पर चर्चा लाई जाए। अगर सरकार सरकारी कर्मचारियों को ओपीएस देती हैं तो सोच-समझकर दी है। 1500 रुपये महिलाओं को भी सोच-समझकर दिए हैं। इन्होंने तो सब कुछ मुफ्त कर रेवडियां बांट दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्थिति उल्टा चाेर कोतवाल को डांटे वाली हो गई है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सुधार आ रहा है। आगामी बजट में जनता को सुधार दिखेगा।
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