विधानसभा सत्र: विक्रमादित्य सिंह बोले- शहरी क्षेत्रों में भी आईआरडीपी मानदंडों की होगी समीक्षा
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आईआरडीपी के मानदंडों की शहरी क्षेत्रों में भी समीक्षा की जाएगी। शहरी इलाकों में भी पात्र गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ देने पर विचार किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आईआरडीपी के मानदंडों की शहरी क्षेत्रों में भी समीक्षा की जाएगी। शहरी इलाकों में भी पात्र गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ देने पर विचार किया जाएगा। सरकार की ओर से अपना परिवार, सुखी परिवार योजना शुरू की जा रही है, जिसे शहरी क्षेत्रों में भी लागू करने पर विचार होगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों से संबंधित भुगतान विभागों की ओर से किए जाने के मुद्दे को भी देखा जाएगा कि विभाग ही भुगतान करे, नगर निकाय नहीं।
विधायक संजय रतन ने शून्यकाल के दौरान विधानसभा में शहरी क्षेत्रों में बीपीएल और आईआरडीपी की आय सीमा बढ़ाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 15 वर्षों से शहरी क्षेत्रों में बीपीएल के लिए 26,500 रुपये की आय सीमा तय है। इससे अधिक आय होने पर व्यक्ति को बीपीएल सूची से बाहर कर दिया जाता है। शहरी क्षेत्र में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए बीपीएल की आय सीमा कम से कम एक लाख रुपये सालाना की जानी चाहिए।
कुगती पास से सुरक्षा के लिए अभी नहीं खोला रास्ता : नेगी
मणिमहेश यात्रा की तैयारियों और परिक्रमा मार्ग पर लगी पाबंदियों का मामला मंगलवार को विधानसभा में उठा। भाजपा विधायक डॉ. जनक राज ने सरकार से मणिमहेश यात्रा के प्रबंध समय से पहले शुरू करने और परिक्रमा मार्ग पर लगी पाबंदी हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यात्रा अगस्त में शुरू होती है, इसलिए इसके प्रबंध मई और जून से ही शुरू कर दिए जाने चाहिए।राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि विधायक ने महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है। सरकार मणिमहेश यात्रा को सुगम बनाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत है। विधायक की ओर से दिए गए सुझावों पर विचार किया जाएगा।
नेगी ने स्पष्ट किया कि कुगती पास से रास्ता सुरक्षा के दृष्टिगत अभी शुरू नहीं किया गया है। रास्ते को दुरुस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मार्ग खोलने का निर्णय लिया जाएगा।डॉ. जनक राज ने कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से पंजीकरण शुल्क के तौर पर 50 रुपये और वन विभाग की कमेटी की ओर से 100 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। हेलिकॉप्टर सुविधा के लिए भी 100 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिक्रमा मार्ग में ठंड और बारिश के कारण कुछ लोगों की मृत्यु भी हुई है। लाहौल से आने वाले श्रद्धालु भी इसी मार्ग से यात्रा करते हैं। उन्होंने सरकार से परिक्रमा मार्ग पर लगाई गई पाबंदी को हटाने और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं करने का आग्रह किया।