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Himachal Assembly Session: नाबार्ड की सड़क संबंधित डीपीआर पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने

Mon, 09 Sep 2024 07:43 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 09 Sep 2024 07:43 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नाबार्ड की सड़क संबंधित डीपीआर की स्वीकृति को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायकों के क्षेत्रों में डीपीआर को न बनाया जाना अपराध से कम नहीं है। 

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Himachal Assembly Session Ruling party and opposition face to face on NABARD road related DPR
हिमाचल विधानसभा शिमला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नाबार्ड की सड़क संबंधित डीपीआर की स्वीकृति को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि नाबार्ड के तहत केवल कांग्रेस विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों की योजनाएं ही स्वीकृत हो रही हैं, विपक्ष के विधायकों के क्षेत्रों की डीपीआर भी नहीं बनाई जा रही है। अधिकारियों को फोन किया जाता है कि इन इन विधानसभा क्षेत्रों की डीपीआर बनाकर भेजें। वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायकों के क्षेत्रों में डीपीआर को न बनाया जाना अपराध से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि सीएम अधिकारियों को निर्देश दें कि डीपीआर तैयार हो।

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मुख्यमंत्री ने विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पूरे हिमाचल का एक समान विकास करवाना सरकार की प्राथमिकता है। विधायक सुखराम चौधरी की अनुपस्थिति में विधायक रणधीर शर्मा द्वारा पूछे सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नाबार्ड की योजना में विधानसभा क्षेत्र की लिमिट 175 करोड़ तय है। इसे सरकार ने 20 करोड़ बढ़ाकर 195 करोड़ किया है। इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल और इसके चार्जिंग स्टेशन के लिए प्रस्ताव दे सकते हैं। इसकी परिधि में जो स्कीमें आएंगी, तो उसे स्वीकृति मिलेगी। नाबार्ड के तहत शिमला शहरी हलके में सड़कें नहीं बन रही है, क्योंकि यह शहरी क्षेत्र है। इसके अलावा हर विस क्षेत्र में काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 अप्रैल 2022 से लेकर 31 जुलाई तक नाबार्ड के तहत प्रदेश में 350 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। जबकि इसी अवधि के दौरान नाबार्ड के पास कुल 318 योजनाएं विचाराधीन हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार किसी से भी भेदभाव नहीं कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी अधिकारी को यह नहीं कहा कि विपक्ष के विधायकों की डीपीआर तैयार न करें।

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