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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Assembly Estimates Committee: Budget formulated based on statistics, ignoring ground-level needs.

हिमाचल: आंकड़ों के सहारे बनता रहा बजट, जमीनी जरूरतों की अनदेखी, विधानसभा प्राक्कलन समिति ने उठाए सवाल

Tue, 08 Sep 2026 07:00 AM IST
Krishan Singh अनिमेष कौशल, शिमला।
अनिमेष कौशल, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 08 Sep 2026 07:00 AM IST
सार

विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने कहा कि विभाग वास्तविक जरूरतों का आकलन करने के बजाय पिछले वर्षों के खर्च को आधार बनाकर बजट अनुमान तैयार करता रहा। इससे बजट प्रावधान और वास्तविक व्यय में अंतर रहा। 

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Himachal Assembly Estimates Committee: Budget formulated based on statistics, ignoring ground-level needs.
विधायक राकेश कालिया। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

 हिमाचल विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने महिला एवं बाल विकास विभाग के वित्तीय प्रबंधन, बजट निर्माण और योजनाओं के क्रियान्वयन में खामियां उजागर की हैं। समिति ने कहा कि विभाग वास्तविक जरूरतों का आकलन करने के बजाय पिछले वर्षों के खर्च को आधार बनाकर बजट अनुमान तैयार करता रहा। इससे बजट प्रावधान और वास्तविक व्यय में अंतर रहा। अग्रेतर कार्रवाई प्रतिवेदन (फर्दर एक्शन रिपोर्ट) में विधायक राकेश कालिया की अध्यक्षता वाली समिति ने विभाग को निर्देश दिया कि भविष्य में बजट तैयार करते समय जमीनी आवश्यकताओं, योजनाओं की प्रगति और उपलब्ध संसाधनों का यथार्थ आकलन किया जाए। समिति ने वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में खर्च बढ़ने की प्रवृत्ति पर भी नाराजगी जताते हुए इसे वित्तीय अनुशासन के विपरीत बताया।

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बाल संरक्षण एवं पुनर्वास योजनाओं की समीक्षा के दौरान समिति ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना से जुड़ी सेवाओं को समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन करने को कहा। समिति ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं महिलाओं, बच्चों, अनाथों और जरूरतमंद परिवारों जैसे संवेदनशील वर्गों से सीधे जुड़ी हैं। ऐसे में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि समिति की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

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रिक्त पदों पर सवाल, भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा
समिति ने विभाग में विभिन्न श्रेणियों के बड़ी संख्या में पद वर्षों से रिक्त रहने पर भी सवाल उठाए। समिति ने पूछा कि जब पद लंबे समय से खाली हैं तो उनके लिए बार-बार बजटीय प्रावधान करने का औचित्य क्या है। समिति के अनुसार, मानव संसाधन की कमी का सीधा असर योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों को सेवाएं उपलब्ध कराने पर पड़ता है। विभाग को रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है।

आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण में तय नियमों का पालन हो
आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण से जुड़े मामलों पर भी समिति ने सख्त रुख अपनाया। समीक्षा के दौरान कुछ परियोजनाओं में स्वीकृति, निर्माण और तकनीकी प्रक्रियाओं से जुड़ी विसंगतियां सामने आईं। समिति ने विभाग से इन मामलों में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा और निर्देश दिए कि भविष्य में निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों, तकनीकी मानकों और स्वीकृत प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। निर्माण कार्यों में जवाबदेही भी तय करने को कहा गया है। निर्माण कार्यों में जवाबदेही भी तय करने को कहा गया है।

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