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हिमाचल: सड़कें बंद, पटरी पर नहीं लौटी जिंदगी
शिमला/ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2013 02:54 PM IST
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भारी बारिश और भू-स्खलन के चलते हिमाचल में 50 से ज्यादा सड़कें अभी भी बंद
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हैं। रविवार को हालांकि, प्रदेश में ज्यादा बारिश नहीं हुई लेकिन विभिन्न
क्षेत्रों में कई छोटी बड़ी सड़कें बंद ही रहीं। सड़कें बंद होने के कारण
प्रदेश भर में बसों के कई रूट फेल हो गए।
अकेले शिमला जिले में ही 24 रूटों पर एचआरटीसी की बसें नहीं चल सकीं। उधर मौसम के बदले मिजाज के चलते प्रदेश में नदियां उफान पर हैं।
पौंग और भाखड़ा बांधों का भी जल स्तर बढ़ गया है। रविवार को पौंग बांध का जल स्तर 1352.30 फुट रिकार्ड किया गया। इसी बीच, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
पिछले 24 घंटों में ऊना जिले में सबसे अधिक 48 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। हालांकि, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम साफ ही रहा। मंडी में रविवार को बेशक बारिश नहीं हुई, पर बीते दिन हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा।
करसोग-रामपुर, बरोट -मियोट जैसे संपर्क मार्ग आज भी बंद रहे। बरोट के खलैल गांव में बादल फटने के बाद लोग अभी सहमे हैं। धर्मपुर के सतरेहड़ में जमीन धंसने के बाद ग्रामीण खौफजदा हैं।
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कांगड़ा जिले की कई सड़कें अभी तक बंद है। कोपरलाहड़ में रेलवे ट्रैक पर गिरे मलबे को नहीं हटाया जा सका। इससे रेल सेवा रविवार को भी बाधित रही।
सिरमौर जिले में करीब एक दर्जन सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं। हमीरपुर में शनिवार को हुई भारी बारिश के चलते रविवार को एक स्लेटपोश मकान ढह गया।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता प्रदीप चौहान ने कहा कि सड़कों को खोलने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
ज्यादातर मुख्य सड़कों को खोल दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह का कहना है कि आगामी चौबीस घंटों में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
अकेले शिमला जिले में ही 24 रूटों पर एचआरटीसी की बसें नहीं चल सकीं। उधर मौसम के बदले मिजाज के चलते प्रदेश में नदियां उफान पर हैं।
पौंग और भाखड़ा बांधों का भी जल स्तर बढ़ गया है। रविवार को पौंग बांध का जल स्तर 1352.30 फुट रिकार्ड किया गया। इसी बीच, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
पिछले 24 घंटों में ऊना जिले में सबसे अधिक 48 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। हालांकि, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम साफ ही रहा। मंडी में रविवार को बेशक बारिश नहीं हुई, पर बीते दिन हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा।
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करसोग-रामपुर, बरोट -मियोट जैसे संपर्क मार्ग आज भी बंद रहे। बरोट के खलैल गांव में बादल फटने के बाद लोग अभी सहमे हैं। धर्मपुर के सतरेहड़ में जमीन धंसने के बाद ग्रामीण खौफजदा हैं।
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कांगड़ा जिले की कई सड़कें अभी तक बंद है। कोपरलाहड़ में रेलवे ट्रैक पर गिरे मलबे को नहीं हटाया जा सका। इससे रेल सेवा रविवार को भी बाधित रही।
सिरमौर जिले में करीब एक दर्जन सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं। हमीरपुर में शनिवार को हुई भारी बारिश के चलते रविवार को एक स्लेटपोश मकान ढह गया।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता प्रदीप चौहान ने कहा कि सड़कों को खोलने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
ज्यादातर मुख्य सड़कों को खोल दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह का कहना है कि आगामी चौबीस घंटों में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।