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Hamirpur (Himachal) News: बिजली और रेलवे के निजीकरण के विरोध में बस्सी में सीटू के बैनर तले गरजे मजदूर

Thu, 09 Nov 2023 12:33 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Nov 2023 12:33 AM IST
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Workers roared under the banner of CITU in Bassi in protest against privatization of electricity and railways.
सीटू कार्यकर्ता भोरंज में रैली निकालते हुए। (संवाद)
भोरंज (हमीरपुर)। बिजली और रेलवे का निजीकरण करने और श्रमिक कल्याण बोर्ड से मनरेगा व अन्य सभी निर्माण मजदूरों को बाहर करने के विरोध में उपमंडल भोरंज के बस्सी में प्रदर्शन किया गया। इसके बाद विकास खंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा गया। रैली बस्सी बाजार से होते हुए खंड विकास अधिकारी कार्यालय में समाप्त हुई। रैली के बाद सभा में सीटू नेताओं ने मजदूरों को संबोधित किया। सभा को मुख्य तौर पर सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर कश्मीर सिंह ठाकुर, सीटू के जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह राणा व जिला संयुक्त सचिव रंजन शर्मा, भोरंज के अध्यक्ष उत्तम चंद, सचिव सुषमा ने संबोधित किया।
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सीटू पदाधिकारियों का कहना है कि मोदी सरकार ने बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने के लिए 2020 में बिजली बिल लाया है। इसके चलते देश के सभी बिजली बोर्डों को प्राइवेट करने का कार्य किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में भी इसी कड़ी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाने का कार्य कांग्रेस सरकार ने भी इस नक्शे कदम पर आगे बढ़ते हुए टेंडर आवंटित कर दिए हैं। सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि बिजली के दाम का निर्धारण भी निजी कंपनियों के हाथ में चला जाएगा तो वह अपनी मर्जी के मुताबिक दाम तय कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के बनने से बाद से ही जो श्रमिक कल्याण बोर्ड बना है, उसके मजदूरों को मिलने वाले लाभों को बंद कर दिया गया है। आरोप लगाते हुए कहा कि गैर कानूनी तरीके से हिमाचल प्रदेश में मनरेगा और अन्य निर्माण मजदूर को कल्याण बोर्ड में पंजीकरण के बावजूद लाभ नहीं दिए जा रहे हैं। श्रमिक कल्याण बोर्ड ने यह फैसला लिया था कि मनरेगा और गांव के अन्य निर्माण मजदूरों को तुरंत लंबित लाभ जारी किए जाएंगे और उनका कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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