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पेंशनरों के वित्तीय लाभों की अदायगी में हो रही अनावश्यक देरी : कुलदीप
Mon, 05 Jan 2026 12:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 05 Jan 2026 12:27 AM IST
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बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम इकाई नादौन की बैठक में मौजूद पदाधिकारी व पेंशनर। स्रोत : फोरम
नादौन (हमीरपुर)। बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम इकाई नादौन की बैठक भूंपल में हुई। बैठक की अध्यक्षता इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भगत राम ने की।
बैठक में बिजली बोर्ड लिमिटेड की ओर से पेंशनरों के वित्तीय लाभों की अदायगी के लिए अनावश्यक देरी और भेदभावपूर्ण रवैये की कड़ी भर्त्सना की गई। बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष व जिला हमीरपुर के जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बताया कि 20 दिसंबर, 2025 को बोर्ड प्रबंधन के साथ हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि 70 से 75 वर्ष की आयु वर्ग के पेंशनरों को बकाया राशि की अदायगी के लिए 11 करोड़ रुपये जारी कर दिए जाएंगे।
इसके साथ ही 01-01-2016 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बकाया राशि की पहली किस्त 50-50 हजार रुपये और 20 प्रतिशत संशोधित ग्रेच्युटी का भुगतान इसी महीने कर दिया जाएगा। हालांकि, अभी तक मात्र 11 करोड़ रुपये 70 से 75 वर्ष के पेंशनरों की ही अदायगी की गई।
वहीं, 2022 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दो-दो साल तक उनके लीव-इन-कैशमेंट व ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया। बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम पेंशनरों के हितों की सुरक्षा के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगा। केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक 2025 पूर्णतः बिजली उपभोक्ताओं, कर्मचारियों, पेंशनरों व सार्वजनिक ऊर्जा क्षेत्र के हितों के खिलाफ है।
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बिजली संशोधन विधेयक बड़े कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के मकसद से लाया जा रहा है। केंद्र सरकार विधेयक को संसद में पारित करवाने का प्रयास न करे, अन्यथा बिजली कर्मचारी, पेंशनर व उपभोक्ता इस विधेयक का विरोध करेंगे। इस अवसर पर विधि चंद सनोरिया, पृथ्वी चंद सहित अन्य पेंशनर मौजूद रहे।
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बैठक में बिजली बोर्ड लिमिटेड की ओर से पेंशनरों के वित्तीय लाभों की अदायगी के लिए अनावश्यक देरी और भेदभावपूर्ण रवैये की कड़ी भर्त्सना की गई। बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष व जिला हमीरपुर के जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बताया कि 20 दिसंबर, 2025 को बोर्ड प्रबंधन के साथ हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि 70 से 75 वर्ष की आयु वर्ग के पेंशनरों को बकाया राशि की अदायगी के लिए 11 करोड़ रुपये जारी कर दिए जाएंगे।
इसके साथ ही 01-01-2016 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बकाया राशि की पहली किस्त 50-50 हजार रुपये और 20 प्रतिशत संशोधित ग्रेच्युटी का भुगतान इसी महीने कर दिया जाएगा। हालांकि, अभी तक मात्र 11 करोड़ रुपये 70 से 75 वर्ष के पेंशनरों की ही अदायगी की गई।
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वहीं, 2022 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दो-दो साल तक उनके लीव-इन-कैशमेंट व ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया। बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम पेंशनरों के हितों की सुरक्षा के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगा। केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक 2025 पूर्णतः बिजली उपभोक्ताओं, कर्मचारियों, पेंशनरों व सार्वजनिक ऊर्जा क्षेत्र के हितों के खिलाफ है।
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बिजली संशोधन विधेयक बड़े कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के मकसद से लाया जा रहा है। केंद्र सरकार विधेयक को संसद में पारित करवाने का प्रयास न करे, अन्यथा बिजली कर्मचारी, पेंशनर व उपभोक्ता इस विधेयक का विरोध करेंगे। इस अवसर पर विधि चंद सनोरिया, पृथ्वी चंद सहित अन्य पेंशनर मौजूद रहे।