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Hamirpur (Himachal) News: आस्था पर पहाड़ का खतरा... शाहतलाई-दियोटसिद्ध सड़क पर पहाड़ से गिर रहा मलबा बना मुसीबत
Mon, 10 Aug 2026 01:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 10 Aug 2026 01:21 AM IST
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रेणु शर्मा,निवासी चकमोह।
दियोटसिद्ध(हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ के दरबार में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर शाहतलाई-दियोटसिद्ध सड़क पर पहाड़ से गिर रहा मलबा खतरा बन गया है। बैरियर नंबर एक के पास पहाड़ से रोजाना मिट्टी और पत्थर गिर रहे हैं।
स्थानीय दुकानदारों ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए पहाड़ी के साथ बांस के डंडे लगाकर वाहन खड़े न करने की व्यवस्था की है। सड़क से रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। ऐसे में अचानक पहाड़ से मलबा गिरने की आशंका बनी हुई है।
अप्रैल में चैत्र मास के मेलों के दौरान भी यहां मलबा गिरा था। उस समय मंदिर न्यास ने पानी की मदद से पहाड़ से मलबा गिराकर खतरा टालने का प्रयास किया था। बरसात शुरू होने के बाद दोबारा पहाड़ से मलबा गिरना शुरू हो गया है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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बाबा बालक नाथ मंदिर में सालभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर न्यास की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
कोट्स
वन विभाग को एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए हैं। मंदिर में कार्यरत सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी बैरियर नंबर एक के साथ लगाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को आवाजाही में किसी भी तरह की परेशानी न हो। -स्वाति डोगरा, एसडीएम बड़सर एवं न्यास अध्यक्ष
बारिश के दौरान पहाड़ से मिट्टी और पत्थर गिरने का खतरा ज्यादा रहता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यहां स्थायी इंतजाम किए जाने चाहिए। -रेणु शर्मा, निवासी चकमोह
पहाड़ के नीचे लोग वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। बांस के डंडे लगाकर लोगों को वाहन न खड़ा करने के लिए सावधान किया जा रहा है। -विक्की शर्मा, दुकानदार
शाहतलाई और दियोटसिद्ध के बीच रोजाना सैकड़ों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। पहाड़ से अचानक मलबा गिरने की आशंका बनी रहती है। -अभीश डोगरा, श्रद्धालु
चैत्र मेले के दौरान भी यहां मलबा गिरा था। अब दोबारा समस्या शुरू हो गई है, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जल्द किए जाने चाहिएं। -पुरुषोत्तम, निवासी चकमोह
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स्थानीय दुकानदारों ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए पहाड़ी के साथ बांस के डंडे लगाकर वाहन खड़े न करने की व्यवस्था की है। सड़क से रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। ऐसे में अचानक पहाड़ से मलबा गिरने की आशंका बनी हुई है।
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अप्रैल में चैत्र मास के मेलों के दौरान भी यहां मलबा गिरा था। उस समय मंदिर न्यास ने पानी की मदद से पहाड़ से मलबा गिराकर खतरा टालने का प्रयास किया था। बरसात शुरू होने के बाद दोबारा पहाड़ से मलबा गिरना शुरू हो गया है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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बाबा बालक नाथ मंदिर में सालभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर न्यास की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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वन विभाग को एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए हैं। मंदिर में कार्यरत सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी बैरियर नंबर एक के साथ लगाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को आवाजाही में किसी भी तरह की परेशानी न हो। -स्वाति डोगरा, एसडीएम बड़सर एवं न्यास अध्यक्ष
बारिश के दौरान पहाड़ से मिट्टी और पत्थर गिरने का खतरा ज्यादा रहता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यहां स्थायी इंतजाम किए जाने चाहिए। -रेणु शर्मा, निवासी चकमोह
पहाड़ के नीचे लोग वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। बांस के डंडे लगाकर लोगों को वाहन न खड़ा करने के लिए सावधान किया जा रहा है। -विक्की शर्मा, दुकानदार
शाहतलाई और दियोटसिद्ध के बीच रोजाना सैकड़ों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। पहाड़ से अचानक मलबा गिरने की आशंका बनी रहती है। -अभीश डोगरा, श्रद्धालु
चैत्र मेले के दौरान भी यहां मलबा गिरा था। अब दोबारा समस्या शुरू हो गई है, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जल्द किए जाने चाहिएं। -पुरुषोत्तम, निवासी चकमोह

रेणु शर्मा,निवासी चकमोह।

रेणु शर्मा,निवासी चकमोह।

रेणु शर्मा,निवासी चकमोह।

रेणु शर्मा,निवासी चकमोह।