{"_id":"66aa253a79cbded5ad03a708","slug":"there-is-jam-in-the-headquarters-due-to-slow-speed-of-buses-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1001-132546-2024-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: मुख्यालय में बसों की धीमी रफ्तार से जाम हुआ आम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: मुख्यालय में बसों की धीमी रफ्तार से जाम हुआ आम
विज्ञापन
बस अड्डा हमीरपुर में बस के दरवाजे पर लटका परिचालक। संवाद
दोसड़का, अणु और पक्का भरो तक बसों की गति बेहद धीमी
बस स्टैंड से निकलते ही दो से तीन किमी तक बेहद कम स्पीड से चलती हैं बस
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बसों की धीमी रफ्तार के कारण दिन-प्रतिदिन जिला मुख्यालय हमीरपुर में यातायात जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। बस स्टैंड से बसों के निकलने के बाद दो से तीन किलोमीटर के दायरे तक खासकर निजी बसों की स्पीड बेहद कम रहती हैं। बस स्टैंड से लेकर दोसड़का, अणु व पक्का भरो का सफर जो आमतौर पर कुछ ही मिनटों में तय होना चाहिए, उसके लिए आधे घंटे से अधिक वक्त लग रहा है। पुलिस कर्मी बस अड्डे के साथ ही शहर के हर चौराहे पर तैनात तो रहते हैं लेकिन इन बसों की रफ्तार में कोई खास तेजी नहीं आती है। हाल फिलहाल में पुलिस की ओर से कोताही बरत रहे ऐसे निजी बस ऑपरेटरों का चालान और बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है।
निजी बस ऑपरेटरों की यह मनमानी यात्रियों के लिए परेशानियों का कारण बना हुआ है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। रोजाना सैकड़ों यात्री इस समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-काॅलेजों के छात्र और अन्य यात्री शामिल हैं। धीमी रफ्तार के कारण समय की बर्बादी के साथ ईंधन और ऊर्जा भी व्यर्थ हो रही है। इस स्थिति को लेकर कॉलेज के विद्यार्थियों कविता, पूजा, कामिनी, राजेश, अभिषेक, अंशुल का कहना है कि बस की धीमी रफ्तार के चलते वह समय पर अपनी कक्षाओं में नहीं पहुंच पाते हैं। इससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ता है। यह स्थिति उनके दैनिक जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रही है। वहीं, निजी बस ऑपरेटरों का तर्क है कि अत्यधिक वाहनों और सड़क के किनारे बेतरतीब तरीके से पार्क गाड़ियों के कारण बसों की गति कम हो जाती हैं। ऑपरेटर धीमी रफ्तार के लिए यातायात दबाव को कारण बता रहे हैं। वहीं, यात्री बसों की धीमी रफ्तार के लिए ऑपरेटरों को जिम्मेवार मान रहे हैं। ट्रैफिक इंचार्ज हमीरपुर राजकुमार ने कहा कि यहां पर ट्रैफिक कर्मचारी तैनात रहते हैं। समय-समय पर इन निजी बसों को वहां से भेजते हैं।
विज्ञापन
बस स्टैंड से निकलते ही दो से तीन किमी तक बेहद कम स्पीड से चलती हैं बस
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बसों की धीमी रफ्तार के कारण दिन-प्रतिदिन जिला मुख्यालय हमीरपुर में यातायात जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। बस स्टैंड से बसों के निकलने के बाद दो से तीन किलोमीटर के दायरे तक खासकर निजी बसों की स्पीड बेहद कम रहती हैं। बस स्टैंड से लेकर दोसड़का, अणु व पक्का भरो का सफर जो आमतौर पर कुछ ही मिनटों में तय होना चाहिए, उसके लिए आधे घंटे से अधिक वक्त लग रहा है। पुलिस कर्मी बस अड्डे के साथ ही शहर के हर चौराहे पर तैनात तो रहते हैं लेकिन इन बसों की रफ्तार में कोई खास तेजी नहीं आती है। हाल फिलहाल में पुलिस की ओर से कोताही बरत रहे ऐसे निजी बस ऑपरेटरों का चालान और बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है।
निजी बस ऑपरेटरों की यह मनमानी यात्रियों के लिए परेशानियों का कारण बना हुआ है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। रोजाना सैकड़ों यात्री इस समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-काॅलेजों के छात्र और अन्य यात्री शामिल हैं। धीमी रफ्तार के कारण समय की बर्बादी के साथ ईंधन और ऊर्जा भी व्यर्थ हो रही है। इस स्थिति को लेकर कॉलेज के विद्यार्थियों कविता, पूजा, कामिनी, राजेश, अभिषेक, अंशुल का कहना है कि बस की धीमी रफ्तार के चलते वह समय पर अपनी कक्षाओं में नहीं पहुंच पाते हैं। इससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ता है। यह स्थिति उनके दैनिक जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रही है। वहीं, निजी बस ऑपरेटरों का तर्क है कि अत्यधिक वाहनों और सड़क के किनारे बेतरतीब तरीके से पार्क गाड़ियों के कारण बसों की गति कम हो जाती हैं। ऑपरेटर धीमी रफ्तार के लिए यातायात दबाव को कारण बता रहे हैं। वहीं, यात्री बसों की धीमी रफ्तार के लिए ऑपरेटरों को जिम्मेवार मान रहे हैं। ट्रैफिक इंचार्ज हमीरपुर राजकुमार ने कहा कि यहां पर ट्रैफिक कर्मचारी तैनात रहते हैं। समय-समय पर इन निजी बसों को वहां से भेजते हैं।
विज्ञापन