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Hamirpur (Himachal) News: मझेली पंचायत में एक लाख 16 हजार 89 रुपये की बजट वापसी में गोलमाल
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जिला परिषद हमीरपुर में गबन के मामले में नया खुलासा
पंचायत सचिव की तरफ से जिला परिषद कार्यालय हमीरपुर में सौंपी गई शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला परिषद हमीरपुर में 15वें वित्त आयोग के बजट में गबन के मामले में नया खुलासा हुआ है। विकास खंड नादौन की मझेली पंचायत की बजट वापसी में भी एक लाख 16 हजार 89 रुपये का गोलमाल सामने आया है। इस सिलसिले में पंचायत सचिव की तरफ से जिला परिषद हमीरपुर कार्यालय में लिखित शिकायत सौंपी गई है। बीते मई में 42 लाख के गबन का मामला जिला परिषद हमीरपुर में सामने आया था। जिला परिषद कैडर के कर्मचारी डाटा एंट्री ऑपरेटर ने 15वें वित्त आयोग का पैसा पंचायत को जारी करने के बाद अपने बैंक खाते में वापस जमा करवा लिया। पंचायत में ऑडिट होने के बाद इस गबन का खुलासा हुआ। मामले में एसडीएम हमीरपुर विभागीय जांच कर रहे हैं जबकि आरोपी कर्मचारी को निलंबित किया जा चुका है और उसे बीडीओ कार्यालय हमीरपुर में अटैच किया गया है। इस कर्मचारी ने विभिन्न पंचायतों से यह कहकर पैसा वापस मंगवा लिया था कि गलती से अन्य पंचायत का पैसा उनके बैंक खाते में चला गया है। पैसा वापस मंगवाने के लिए शातिर अंदाज में आरोपी ने पैसा वापस अपने खाते में जमा करवाने के लिए कोई लिखित आदेश जारी नहीं किए। मौखिक तौर पर ही पंचायत कर्मचारी और प्रतिनिधियों को गुमराह किया गया था। मझेली पंचायत में ऑडिट के दौरान जब साल 2021-22 के 15 वित्त आयोग के बजट वापसी की दोबारा जांच की गई तो यह खुलासा हुआ। दरअसल गबन का मामला सुर्खियों में आने के बाद सभी पंचायतें अपने स्तर पर एहतियात बरतते हुए बजट वापसी का रिकॉर्ड चेक कर रही हैं। इस कड़ी में गबन के मामले में नया खुलासा हुआ है।
दोस्त के खाते में भी जमा करवा दिए थे 5 लाख
पंचायतीराज विभाग हमीरपुर में 42 लाख रुपये के गबन के आरोप में निलंबित डाटा एंट्री ऑपरेटर ने बीते वर्ष भी पांच लाख रुपये का गबन किया था। पुराने मामले में विभागीय कार्रवाई के तहत गबन की राशि की रिकवरी की गई थी। जिला परिषद कैडर के डाटा एंट्री ऑपरेटर की पदोन्नति और वेतन बढ़ोतरी भी रोक दी थी। आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ गबन की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं और गबन की राशि में भी बढ़ोतरी हो रही है।
कोट
मझेली पंचायत सचिव बिसला देवी ने कहा कि जिला परिषद हमीरपुर कार्यालय में लिखित शिकायत सौंपी गई है। बजट वापसी के दौरान कर्मचारियों को रसीद के लिए कहा गया था लेकिन रसीद नहीं दी गई। पिछले सप्ताह पंचायत के ऑडिट के दौरान बजट वापसी के मद की दोबारा जांच की गई तो यह खुलासा हुआ। बजट वापसी के लिए बाकायदा पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया है और इसके दस्तावेज मौजूद हैं।
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पंचायत सचिव की तरफ से जिला परिषद कार्यालय हमीरपुर में सौंपी गई शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला परिषद हमीरपुर में 15वें वित्त आयोग के बजट में गबन के मामले में नया खुलासा हुआ है। विकास खंड नादौन की मझेली पंचायत की बजट वापसी में भी एक लाख 16 हजार 89 रुपये का गोलमाल सामने आया है। इस सिलसिले में पंचायत सचिव की तरफ से जिला परिषद हमीरपुर कार्यालय में लिखित शिकायत सौंपी गई है। बीते मई में 42 लाख के गबन का मामला जिला परिषद हमीरपुर में सामने आया था। जिला परिषद कैडर के कर्मचारी डाटा एंट्री ऑपरेटर ने 15वें वित्त आयोग का पैसा पंचायत को जारी करने के बाद अपने बैंक खाते में वापस जमा करवा लिया। पंचायत में ऑडिट होने के बाद इस गबन का खुलासा हुआ। मामले में एसडीएम हमीरपुर विभागीय जांच कर रहे हैं जबकि आरोपी कर्मचारी को निलंबित किया जा चुका है और उसे बीडीओ कार्यालय हमीरपुर में अटैच किया गया है। इस कर्मचारी ने विभिन्न पंचायतों से यह कहकर पैसा वापस मंगवा लिया था कि गलती से अन्य पंचायत का पैसा उनके बैंक खाते में चला गया है। पैसा वापस मंगवाने के लिए शातिर अंदाज में आरोपी ने पैसा वापस अपने खाते में जमा करवाने के लिए कोई लिखित आदेश जारी नहीं किए। मौखिक तौर पर ही पंचायत कर्मचारी और प्रतिनिधियों को गुमराह किया गया था। मझेली पंचायत में ऑडिट के दौरान जब साल 2021-22 के 15 वित्त आयोग के बजट वापसी की दोबारा जांच की गई तो यह खुलासा हुआ। दरअसल गबन का मामला सुर्खियों में आने के बाद सभी पंचायतें अपने स्तर पर एहतियात बरतते हुए बजट वापसी का रिकॉर्ड चेक कर रही हैं। इस कड़ी में गबन के मामले में नया खुलासा हुआ है।
दोस्त के खाते में भी जमा करवा दिए थे 5 लाख
पंचायतीराज विभाग हमीरपुर में 42 लाख रुपये के गबन के आरोप में निलंबित डाटा एंट्री ऑपरेटर ने बीते वर्ष भी पांच लाख रुपये का गबन किया था। पुराने मामले में विभागीय कार्रवाई के तहत गबन की राशि की रिकवरी की गई थी। जिला परिषद कैडर के डाटा एंट्री ऑपरेटर की पदोन्नति और वेतन बढ़ोतरी भी रोक दी थी। आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ गबन की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं और गबन की राशि में भी बढ़ोतरी हो रही है।
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कोट
मझेली पंचायत सचिव बिसला देवी ने कहा कि जिला परिषद हमीरपुर कार्यालय में लिखित शिकायत सौंपी गई है। बजट वापसी के दौरान कर्मचारियों को रसीद के लिए कहा गया था लेकिन रसीद नहीं दी गई। पिछले सप्ताह पंचायत के ऑडिट के दौरान बजट वापसी के मद की दोबारा जांच की गई तो यह खुलासा हुआ। बजट वापसी के लिए बाकायदा पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया है और इसके दस्तावेज मौजूद हैं।
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