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Hamirpur (Himachal) News: जलाड़ी के ऐतिहासिक नौण में मिली भूलभुलैया की आकृति
Fri, 07 Nov 2025 12:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 07 Nov 2025 12:43 AM IST
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ग्राम पंचायत जलाड़ी में मिली भूलभुलैया की आकृति। जागरूक पाठक
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नादौन (हमीरपुर)। उपमंडल के तहत ग्राम पंचायत जलाड़ी में स्थित ऐतिहासिक नौण के पुनर्निर्माण और अपवर्धन कार्य के दौरान खोदाई के समय एक प्राचीन भूलभुलैया आकृति पत्थर पर उकेरी हुई मिली है। इससे पहले इसी स्थल से नारायण, नरसिंह व श्रीराम की तीन प्राचीन पत्थर की मूर्तियां भी प्राप्त हो चुकी हैं।
यह आकृति प्राचीन भारतीय स्थापत्य और धार्मिक परंपरा की अनमोल धरोहर मानी जा रही हैं। इसी प्रकार की एक आकृति राजस्थान में पाई गई थी। खंड विकास अधिकारी नादौन निशांत शर्मा ने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार भूलभुलैया जीवन की जटिलताओं या माया-जाल का प्रतीक है। इसका केंद्र आत्मज्ञान या मोक्ष का घोतक होता है।
यह केवल कलात्मक डिजाइन नहीं, बल्कि प्राचीन समय में आध्यात्मिक यात्रा और ऊर्जा-संरक्षण की भारतीय अवधारणा का प्रतिनिधित्व करती है। देश के कई ऐतिहासिक स्थलों ग्वालियर किला, फतेहपुर सीकरी, अडालज बावड़ी आदि में भी भूल भुलैया आकृतियां पाई जाती हैं। इस टूटी हुई प्राचीन कृति का संरक्षण और पुनर्निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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यह आकृति प्राचीन भारतीय स्थापत्य और धार्मिक परंपरा की अनमोल धरोहर मानी जा रही हैं। इसी प्रकार की एक आकृति राजस्थान में पाई गई थी। खंड विकास अधिकारी नादौन निशांत शर्मा ने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार भूलभुलैया जीवन की जटिलताओं या माया-जाल का प्रतीक है। इसका केंद्र आत्मज्ञान या मोक्ष का घोतक होता है।
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यह केवल कलात्मक डिजाइन नहीं, बल्कि प्राचीन समय में आध्यात्मिक यात्रा और ऊर्जा-संरक्षण की भारतीय अवधारणा का प्रतिनिधित्व करती है। देश के कई ऐतिहासिक स्थलों ग्वालियर किला, फतेहपुर सीकरी, अडालज बावड़ी आदि में भी भूल भुलैया आकृतियां पाई जाती हैं। इस टूटी हुई प्राचीन कृति का संरक्षण और पुनर्निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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