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Hamirpur (Himachal) News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सुलझेगी संदीप मौत मामले की गुत्थी
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डरोह (कांगड़ा)। क्षेत्र के सिहोटू गांव निवासी संदीप की मौत मामले की गुत्थी पोस्टमार्टम और फोरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद ही सुलझ पाएगी। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। देर सायं संदीप का अंतिम संस्कार पैतृक गांव के न्यूगल खड्ड स्थित श्मशानघाट पर किया गया। वहीं, संदीप के परिजनों और ग्रामीणो ने मंगलवार सुबह पुलिस स्टेशन भवारना में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। मृतक के बेटे आरुष ने बताया कि पुलिस ने आत्महत्या की रिपोर्ट बनाकर दस्तखत करवा लिए थे।
इस पर सभी ग्रामीण भवारना पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने सवाल उठाए कि जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही नहीं आई तो आत्महत्या का मामला कैसे बनाया गया। संदीप के पिता बनबारी लाल ने कहा कि उनकी अंतिम बार बात रविवार रात करीब साढ़े सात बजे हुई थी, जिसमें उसने बताया था कि वह डरोह में पहुंच गया है और थोड़ी देर में घर पहुंच जाएगा। ऐसे में वह डरोह के बाद नागनी में कैसे पहुंचा। शव के पास उसका बैग बरामद हुआ है, जिसमे उसके और बेटे के लिए नए कपड़े थे। मिठाई भी बैग में मिली है। आरुष ने बताया कि उसके पिता का मोबाइल भी उनकी जेब से मिला है। बेटे के अनुसार संदीप के मुंह पर एक तरफ जख्म, कपड़ों में खून के धब्बे और आंखों में धूल भरी थी।
मामले को लेकर क्षेत्र के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सभी लोग इस बात पर हैरान हैं कि संदीप को डरोह से कस्बा और खबली होकर घर जाना चाहिए था तो वह फिर नागनी की तरफ कैसे चला गया। अगर नागनी से ही घर जाना था तो वह डरोह में बस से क्यों उतरा। परिजनों की ओर से संदीप के साथ जरूर कुछ अनहोनी घटना होने की बात कही जा रही है। उधर, एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने बताया कि मामले में पुलिस जांच कर रही है और पोस्टमार्टम तथा फोरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट से मौत कारणों का पता चलेगा। मामले में पुलिस रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई करेगी।
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इस पर सभी ग्रामीण भवारना पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने सवाल उठाए कि जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही नहीं आई तो आत्महत्या का मामला कैसे बनाया गया। संदीप के पिता बनबारी लाल ने कहा कि उनकी अंतिम बार बात रविवार रात करीब साढ़े सात बजे हुई थी, जिसमें उसने बताया था कि वह डरोह में पहुंच गया है और थोड़ी देर में घर पहुंच जाएगा। ऐसे में वह डरोह के बाद नागनी में कैसे पहुंचा। शव के पास उसका बैग बरामद हुआ है, जिसमे उसके और बेटे के लिए नए कपड़े थे। मिठाई भी बैग में मिली है। आरुष ने बताया कि उसके पिता का मोबाइल भी उनकी जेब से मिला है। बेटे के अनुसार संदीप के मुंह पर एक तरफ जख्म, कपड़ों में खून के धब्बे और आंखों में धूल भरी थी।
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मामले को लेकर क्षेत्र के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सभी लोग इस बात पर हैरान हैं कि संदीप को डरोह से कस्बा और खबली होकर घर जाना चाहिए था तो वह फिर नागनी की तरफ कैसे चला गया। अगर नागनी से ही घर जाना था तो वह डरोह में बस से क्यों उतरा। परिजनों की ओर से संदीप के साथ जरूर कुछ अनहोनी घटना होने की बात कही जा रही है। उधर, एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने बताया कि मामले में पुलिस जांच कर रही है और पोस्टमार्टम तथा फोरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट से मौत कारणों का पता चलेगा। मामले में पुलिस रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई करेगी।
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