{"_id":"669a7a18f9a2498a440be36c","slug":"the-garden-built-in-baba-balaknath-is-a-victim-of-neglect-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1001-131757-2024-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: बाबा बालकनाथ में बनाई गई वाटिका अनदेखी का शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: बाबा बालकनाथ में बनाई गई वाटिका अनदेखी का शिकार
विज्ञापन
दियोटसिद्ध में बनाई गई वाटिका में उगी जंगली घास। संवाद
वाटिका में उगी है जंगली घास, लोहे के जंजीर, सीमेंट कंक्रीट भी हो रहे खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। बाबा बालकनाथ की दियोटसिद्ध नगरी में वन विभाग की नवग्रह वाटिका की हालत बदतर होती जा रही है। हर वर्ष लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालु इस नवग्रह वाटिका के पास से गुजरते हैं और इस वाटिका में विश्राम भी करते हैं। लेकिन, उचित देखरेख न होने के कारण इसकी हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। वाटिका में जंगली घास उगा है। चीड़ की पत्तियों के ढेर लगे हैं। कई स्थानों से चहारदीवारी उखड़ गई है। करीब 14 वर्ष पहले पर्यटन विभाग हिमाचल के सौजन्य से वन विभाग की ओर से इस नवग्रह वाटिका को बनाया गया था। इसका शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सांसद अनुराग ठाकुर व विधायक बलदेव शर्मा की उपस्थिति में हुआ था। इस स्थान को बनाने का उद्देश्य था कि यहां पर पूजा पद्धति से जुड़े अलग-अलग पेड़ पौधों की नस्ल लगाई जाएगी। मंदिर के सौंदर्यीकरण में यह वन वाटिका अहम भूमिका निभाएगी और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी लेकिन उचित देखरेख न होने के कारण यह उजड़ने के कगार पर है। इस बारे में वन परिक्षेत्र अधिकारी मनीष ने कहा कि बरसात के बाद इसकी साथ सफाई की जाएगी। जिस प्रकार के पौधे यहां लगे हैं उनकी कटाई व छंटाई बरसात के ही दिनों में की जाती है। यदि पहले कर दी जाए तो उनके सूखने का अंदेशा बना रहता है। जल्द ही कर्मचारी भेज कर पूरी वाटिका की सफाई कर दी जाएगी। वहीं, वन विभाग के डीएफओ अंकित सिंह ने कहा कि विभाग जल्द वाटिका का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई अमल में लाएगा।
समाचार : सोनम शर्मा : सुशील
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। बाबा बालकनाथ की दियोटसिद्ध नगरी में वन विभाग की नवग्रह वाटिका की हालत बदतर होती जा रही है। हर वर्ष लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालु इस नवग्रह वाटिका के पास से गुजरते हैं और इस वाटिका में विश्राम भी करते हैं। लेकिन, उचित देखरेख न होने के कारण इसकी हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। वाटिका में जंगली घास उगा है। चीड़ की पत्तियों के ढेर लगे हैं। कई स्थानों से चहारदीवारी उखड़ गई है। करीब 14 वर्ष पहले पर्यटन विभाग हिमाचल के सौजन्य से वन विभाग की ओर से इस नवग्रह वाटिका को बनाया गया था। इसका शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सांसद अनुराग ठाकुर व विधायक बलदेव शर्मा की उपस्थिति में हुआ था। इस स्थान को बनाने का उद्देश्य था कि यहां पर पूजा पद्धति से जुड़े अलग-अलग पेड़ पौधों की नस्ल लगाई जाएगी। मंदिर के सौंदर्यीकरण में यह वन वाटिका अहम भूमिका निभाएगी और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी लेकिन उचित देखरेख न होने के कारण यह उजड़ने के कगार पर है। इस बारे में वन परिक्षेत्र अधिकारी मनीष ने कहा कि बरसात के बाद इसकी साथ सफाई की जाएगी। जिस प्रकार के पौधे यहां लगे हैं उनकी कटाई व छंटाई बरसात के ही दिनों में की जाती है। यदि पहले कर दी जाए तो उनके सूखने का अंदेशा बना रहता है। जल्द ही कर्मचारी भेज कर पूरी वाटिका की सफाई कर दी जाएगी। वहीं, वन विभाग के डीएफओ अंकित सिंह ने कहा कि विभाग जल्द वाटिका का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई अमल में लाएगा।
समाचार : सोनम शर्मा : सुशील