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ब्यास नदी में बाढ़ आने से पानी में डूबे घरों में फंसे छह परिवारों के 36 लोग
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सुजानपुर के खैरी गांव में बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू करते हुए।
- फोटो : Hamirpur-HP
सुजानपुर (हमीरपुर)। हमीरपुर जिले में शुकवार रातभर हुई भारी बारिश के चलते विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर के गांव खैरी के मकान ब्यास का जलस्तर बढ़ने से जलमग्न हो गए। इस कारण डेढ़ माह की नन्ही बच्ची सहित छह परिवारों के 36 लोग ब्यास नदी के पानी के बीच में फंस गए।
ये सभी लोग परिवार सहित ब्यास नदी के समीप खैरी में अपने घरों में रहते हैं, लेकिन शनिवार सुबह अचानक ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से सभी पानी के बीच 10:00 बजे तक फंसे रहे। बचने के लिए सभी लोगों ने अपने घरों की छतों पर पनाह ली हुई थी। पानी में फंसे लोगों के पास सबसे पहले पहुंचे युवा विक्रम सिंह ने बताया कि सुबह पानी ज्यादा बढ़ जाने पर वे ट्यूब के माध्यम से लोगों के पास पहुंचे और इस बारे में सूचना पंचायत प्रधान के अलावा उपायुक्त हमीरपुर को दी गई। बाद में सभी को जिला प्रशासन के सहयोग से रेस्कयू कर सकुशल बाहर निकाल लिया गया है।
सूचना मिलने के बाद उपायुक्त देवश्वेता बनिक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी, एसडीएम हरीश गज्जू, एसएचओ सुजानपुर अपनी टीम समेत मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू के लिए दमकल विभाग और होमगार्ड के जवानों को मौके पर बुलाया गया। बचाव कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और पानी के बीच फंसे सभी छह परिवारों के सदस्यों को बाहर निकाला। डेढ़ माह के बच्चे की मां लक्ष्मी ने रोते बिलखते हुए कहा कि सुबह से समय बहुत डर गए थे और अगर समय पर प्रशासन मदद नहीं करता तो वे पानी में बह जाते। उन्होंने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। हालांकि पानी में दो भैंसें और एक कटड़ा बह गया है। जिला प्रशासन की ओर से सभी पीड़ित परिवारजनों को दस-दस हजार की फौरी राहत भी प्रदान की गई है।
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उपायुक्त देवश्वेता बनिक ने बताया कि खैरी गांव में छह परिवारों के मकान ब्यास नदी का जल स्तर बढ़ने जलमग्न हो गए थे। सभी लोग पानी में फंस गए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया था और हेलीकाप्टर के लिए भी सूचना दी गई थी, लेकिन जंगलबैरी पुलिस बटालियन, पुलिस टीम और होमगार्ड टीम ने सभी 36 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बचाव कर्मियों ने नदी में फंसे लोगों को हौसला देते हुए खाने-पीने की वस्तुएं भी पहुंचाईं। ट्यूब और रस्सी की माध्यम से सभी को सुरक्षित जगह तक पहुंचाया गया।
बाक्स:
ये लोग फंसे थे पानी के बीच
ब्यास का जलस्तर बढ़ने से पानी में फंसे लोगों में रोशनी देवी पत्नी बेली राम, कर्मचंद पुत्र बेलीराम, शन्नो देवी पत्नी कर्मचंद, सुरेंद्र कुमार पुत्र कर्म चंद, लक्ष्मी देवी पत्नी सुरेंद्र कुमार, अंजलि पत्नी शशि कुमार, दिवांश पुत्र सुरेंद्र कुमार, रुमांश पुत्र सुरेंद्र कुमार, मनसा देवी पत्नी प्रेमचंद, अशोक कुमार पुत्र प्रेमचंद, बबली देवी पत्नी अशोक, राखी पत्नी मनजीत सिंह, अजीत गुडराल पुत्र अशोक कुमार, अर्नव पुत्र मनजीत सिंह, अरमान पुत्र मनजीत सिंह, सुरेश कुमार पुत्र प्रेम सिंह, रीता देवी पत्नी प्रेम सिंह, रिशु राणा पुत्र प्रेम सिंह, अभिषेक गुडराल पुत्र सुरेश कुमार, राजकुमार पुत्र अमी चंद, सुदर्शन पुत्र अमी चंद, मनु पुत्र अमी चंद, मोहित पुत्र राज कुमार, प्रवेश कुमार पुत्र अमी चंद, अनीता देवी पत्नी अमी चंद समेत अन्य शामिल हैं।
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ये सभी लोग परिवार सहित ब्यास नदी के समीप खैरी में अपने घरों में रहते हैं, लेकिन शनिवार सुबह अचानक ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से सभी पानी के बीच 10:00 बजे तक फंसे रहे। बचने के लिए सभी लोगों ने अपने घरों की छतों पर पनाह ली हुई थी। पानी में फंसे लोगों के पास सबसे पहले पहुंचे युवा विक्रम सिंह ने बताया कि सुबह पानी ज्यादा बढ़ जाने पर वे ट्यूब के माध्यम से लोगों के पास पहुंचे और इस बारे में सूचना पंचायत प्रधान के अलावा उपायुक्त हमीरपुर को दी गई। बाद में सभी को जिला प्रशासन के सहयोग से रेस्कयू कर सकुशल बाहर निकाल लिया गया है।
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सूचना मिलने के बाद उपायुक्त देवश्वेता बनिक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी, एसडीएम हरीश गज्जू, एसएचओ सुजानपुर अपनी टीम समेत मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू के लिए दमकल विभाग और होमगार्ड के जवानों को मौके पर बुलाया गया। बचाव कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और पानी के बीच फंसे सभी छह परिवारों के सदस्यों को बाहर निकाला। डेढ़ माह के बच्चे की मां लक्ष्मी ने रोते बिलखते हुए कहा कि सुबह से समय बहुत डर गए थे और अगर समय पर प्रशासन मदद नहीं करता तो वे पानी में बह जाते। उन्होंने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। हालांकि पानी में दो भैंसें और एक कटड़ा बह गया है। जिला प्रशासन की ओर से सभी पीड़ित परिवारजनों को दस-दस हजार की फौरी राहत भी प्रदान की गई है।
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उपायुक्त देवश्वेता बनिक ने बताया कि खैरी गांव में छह परिवारों के मकान ब्यास नदी का जल स्तर बढ़ने जलमग्न हो गए थे। सभी लोग पानी में फंस गए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया था और हेलीकाप्टर के लिए भी सूचना दी गई थी, लेकिन जंगलबैरी पुलिस बटालियन, पुलिस टीम और होमगार्ड टीम ने सभी 36 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बचाव कर्मियों ने नदी में फंसे लोगों को हौसला देते हुए खाने-पीने की वस्तुएं भी पहुंचाईं। ट्यूब और रस्सी की माध्यम से सभी को सुरक्षित जगह तक पहुंचाया गया।
बाक्स:
ये लोग फंसे थे पानी के बीच
ब्यास का जलस्तर बढ़ने से पानी में फंसे लोगों में रोशनी देवी पत्नी बेली राम, कर्मचंद पुत्र बेलीराम, शन्नो देवी पत्नी कर्मचंद, सुरेंद्र कुमार पुत्र कर्म चंद, लक्ष्मी देवी पत्नी सुरेंद्र कुमार, अंजलि पत्नी शशि कुमार, दिवांश पुत्र सुरेंद्र कुमार, रुमांश पुत्र सुरेंद्र कुमार, मनसा देवी पत्नी प्रेमचंद, अशोक कुमार पुत्र प्रेमचंद, बबली देवी पत्नी अशोक, राखी पत्नी मनजीत सिंह, अजीत गुडराल पुत्र अशोक कुमार, अर्नव पुत्र मनजीत सिंह, अरमान पुत्र मनजीत सिंह, सुरेश कुमार पुत्र प्रेम सिंह, रीता देवी पत्नी प्रेम सिंह, रिशु राणा पुत्र प्रेम सिंह, अभिषेक गुडराल पुत्र सुरेश कुमार, राजकुमार पुत्र अमी चंद, सुदर्शन पुत्र अमी चंद, मनु पुत्र अमी चंद, मोहित पुत्र राज कुमार, प्रवेश कुमार पुत्र अमी चंद, अनीता देवी पत्नी अमी चंद समेत अन्य शामिल हैं।

नादौन स्थित ब्यास नदी के जलस्तर बढ़ने से डूबी जलशक्ति विभाग की स्कीम- फोटो : Hamirpur-HP